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शाह ब्रदर्स का बयान-किसी का बकाया नहीं, अगर है तो ब्योरा दे, यूनियन ने कहा- मजदूरों का हक मारना चाहती है कंपनी

Chaibasa : पीएफ और ग्रेच्युटी समेत फुल एंड फाइनल भुगतान की मांग को लेकर शाह ब्रदर्स की करमपदा माइंस में 12 दिन से जारी मजदूरों के आंदोलन के बीच कंपनी ने एक बयान जारी किया है. एक सादे कागज पर जारी अहस्ताक्षरित  बयान में  शाह ब्रदर्स के प्रतिनिधि के रूप में  ज्ञानेंद्र जेना ने अपना बयान जारी कर कहा है कि माइंस के सभी मजदूरों को भुगतान किया जा चुका है. इधर झारखंड जेनरल मजदूर कामगार यूनियन ने कहा है कि शाह ब्रदर्स का दावा गलत है. कंपनी मजदूरों के हक के करोड़ों रुपये  गबन करना चाह रही है.

शाह ब्रदर्स की ओर से जारी बयान की प्रति

शाह ब्रदर्स की ओर से जारी एक पन्ने के बयान में कहा गया है कि करमपदा माइंस 2018 से बंद है. अभी झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह पुनः चालू हुई है. करमपदा लौह अयस्क खदान में कार्य किये हुए सभी मजदूरों को नियमानुसार भुगतान किया जा चुका है. सभी मजदूरों को उनके बैंक अकाउंट में पेमेंट किया गया है. इससे संबंधित रिकॉर्ड का अवलोकन मजदूरों द्वारा किया जा चुका है. पूर्व में 2012 में भी मजदूरों को नियमानुसार भुगतान किया गया था. अगर इसके बाद भी किसी मजदूर का कोई नियमानुसार बकाया हो, तो उनसे कहा गया है कि वह माइंस ऑफिस में अपना विवरण जमा कर दें ताकि उन्हें भी भुगतान किया जा सके.

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जेना के अनुसार कुछ बाहरी तत्वों द्वारा वहां के लोगों को बरगलाया जा रहा है. उनलोगों द्वारा परिवहन कार्य भी बाधित किया जा रहा है, वे लोग वहां के लोगों को प्रलोभन देकर विधि-व्यवस्था को भी ख़राब करने के लिए उकसा रहे हैं. करमपदा लौह अयस्क के एक-एक मजदूर को उनके नियमानुसार राशि दी गई है और आगे भी अगर किसी का भूलवश छूट गया है, तो वो भी उन्हें दिया जायेगा. आज करीब 4 साल से बंद रहने के बाद झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद माइंस में पड़े स्टॉक को हटाया जा रहा है एवं उससे प्राप्त राशि को सरकारी अकाउंट में जमा किया जा रहा है. माइंस चालू होने से करमपदा एवं उसके आस-पास के लोगों को रोजगार मिलेगा और मजदुर पुनः काम कर सकेंगे।लेकिन कुछ बाहरी लोगों द्वारा केवल अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए वहां के लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं. व्यावसायिक माहौल बिगाड़ना एवं कानून को तोड़ना इन लोगों का पेशा बन गया है.

मजदूरों को हक मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

झारखंड जेनरल मजदूर कामगार यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह तिरिया ने कहा है कि मजदूरों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मजदूरों का हक नहीं मिलेगा. तिरिया ने कहा कि शाह ब्रदर्स का मजदूरी भुगतान करने का दावा गलत है. प्रबंधन मजदूरी नहीं भीख दे रहा है. अगर मजदूरों को उनका हक देना रहता, तो आज तक उन्हें पहचान पत्र क्यों नहीं दिया गया. जब कोई मजदूर 5 साल से ज्यादा काम करता है, तो वह ग्रेच्युटी का हकदार बन जाता है. प्रबंधन ने ऐसे मजदूरों को ग्रेच्युटी नहीं देने के इरादे से ही पहचान पत्र नहीं दिया, जिसका खामियाजा आज मजदूरों को उठाना पड़ रहा है. जब सहायक श्रमायुक्त चाईबासा के यहां ग्रेच्युटी के लिए आवेदन भरा जा रहा है, तो उनका पहचान पत्र मांगा जा रहा है. जो मजदूरों को नहीं मिला. हमारी यूनियन मजदूरों को उनका जायज हक दिलाना चाहती है. खदान होगी तो यूनियन भी होगी. यह कहना गलत  है कि हम खदान बंद कराना चाहते हैं. कंपनी खदान चलाये, यूनियन साथ देगाी. अच्छा वातावरण बनाने में आगे आयेगी, लेकिन मजदूरों काे हक मिलना ही चाहिए. आज जो हड़ताल चल रही है, उसमें वही मजदूर शामिल हैं, जिन्होंने वर्षों तक यहां काम किया. प्रबंधन खुद बताये कि ये कौन लोग हैं, जो  हड़ताल पर बैठे. हैं क्या ये बाहरी हैं. तिरिया ने कहा कि असल बात है कि कंपनी मजदूरों के हक का करोड़ों रुपया गबन करना चाह रही है. लेकिन आंदोलन से प्रबंधन की नींद हराम हो गयी है. अगर प्रबंधन ने मजदूरों को उनकी मजदूरी भुगतान किया है, तो श्रम विभाग में त्रिपक्षीय वार्ता करे. यूनियन मजदूरों की तरफ से बैठेगी.

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