
Palamu : सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रस्ताव झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में पारित किये जाने पर सरना समाज में हर्ष का माहौल है. पूरे झारखंड में सरना समाज द्वारा खुशी व्यक्त की जा रही है. इसी कड़ी में पलामू जिले के मेदिनीनगर सदर प्रखंड के पोखराहा में गुरुवार को अद्दि कुड़ूख सरना समाज द्वारा सरना मिलन समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान विजय जुलूस भी निकाला गया. कार्य़क्रम की शुरुआत अन्ना अद्दि प्रार्थना से की गयी.
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स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा 11 नवंबर 2020 का दिन : मिथिलेश उरांव
जुलूस को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष मिथिलेश उरांव ने कहा कि सरना समाज के लिए 11 नवंबर 2020 का दिन स्वर्णाक्षरों में लिखा जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधेयक को पारित कर उदाहरण पेश किया है. उपाध्यक्ष सुनील उरांव ने कहा कि हमारी स्मिता और पहचान की लड़ाई की जीत हुई है. उन्होंने पक्ष-विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
जिला सचिव शंकर उरांव ने कहा कि सरना आदिवासी धर्म कोड पारित होना हमारी भाषा व संस्कृति, धर्म का संवर्धन होगा. जिला उपाध्यक्ष अनिता भगत ने कहा कि सरना आदिवासी धर्म कोड के प्रस्ताव का पारित होना सरना समाज द्वारा निष्ठा व ईमानदारीपूर्वक किये कार्य का ही प्रतिफल है. संयोजक श्यामलाल उरांव ने कहा कि सरना में आस्था रखनेवालों के लिए 11 नवंबर ऐतिहासिक दिन है.
कार्यक्रम में सभी प्रखंडों के गांवों के पाहन, पुजारी, महतो, कोटवार, युवक-युवतियों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया. जुलूस में सतीश उरांव, सीताराम उरांव, सत्यनारायण उरांव, श्रवण उरांव, बसंती देवी, भोलानाथ उरांव, हकु उरांव, सकलदीप किंडो, मुखदेव उरांव, सरिता उरांव, ओम प्रकाश उरांव, प्रकाश, अवधेश, संजीत, दयानंद उरांव, ब्रजेश, शिवराज उरांव, रीना देवी उरांव, अजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, शीतल सिंह सहित काफी संख्या में सरना धर्मावलंबी शामिल थे.
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