DeogharJharkhand

देवघर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 13 साइबर आरोपी गिरफ्तार

♦सारठ, मारगोमुंडा, देवीपुर, पालोजोरी व सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने की छापेमारी

♦गिरफ्तार आरोपियों के पास से 23 मोबाइल फोन, 35 सिमकार्ड, 6 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक व नगद 22 हजार रुपये बरामद

Deoghar : एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर गठित छापेमारी टीम द्वारा रविवार की रात रात जिले के सारठ, मारगोमुंडा, देवीपुर व सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से छापेमारी कर कुल 13 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों में सारठ थाना क्षेत्र के कपसा, गांव निवासी पिंटू शर्मा, पिंडारी ने चे टोला निवासी जमीर अंसारी, मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के मुरलीपहाड़ी गांव निवासी सुल्तान अंसारी, सोहेल अंसारी, रिजवान अंसारी,  पालोजोरी थाना क्षेत्र के डुमरकोला गांव निवासी कारू मंडल, घसको गांव के बंकु दास, दिलीप दास, पिपरबदिया गांव निवासी रोहित कुमार दास, राजेश कुमार दास, देवीपुर थाना क्षेत्र के कपसा गांव निवासी शंकर दास, गणेश दास व सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के बिंझा गांव निवासी अनुप कुमार दास शामिल हैं.

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छापेमारी के क्रम में गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 23 मोबाइल फोन, 35 सिमकार्ड, 6 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक व नगद 22 हजार रुपया बरामद किये हैं. इस बाबत जानकारी देते हुए एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि उपरोक्त गांव के कुछ युवा भोले-भाले लोगों को फर्जी बैंक अधिकारी बन कर व अन्य कई तरीकों से सहायता पहुंचाने के नाम पर उनसे उनके बैंक खाते से संबंधित जानकारी प्राप्त कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. सूचना मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष छापेमारी टीम का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी.

गिरफ्तार सभी आरोपी बड़े ही शातिर तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं. पहले तो वह लोगों से ठगी करते ही हैं, लेकिन ऐसे लोग जो ठगी के शिकार हुए हैं, उन्हें पैसे रिफंड करने की बात कह उन्हें दोबारा ठगी का शिकार बनाते हैं. गिरफ्तार सभी साइबर आरोपी यूपीआइ वॉलेट से ठगे गये पीड़ित लोगों को पुनः उनके खाते में रिफंड करने के नाम पर पीड़ित के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ एटदरेट के साथ अन्य वर्ड ऐड कर नये वर्चुअल प्राइवेट अकाउंट क्रिएट करते हैं. बाद में उसे एक फर्जी अकाउंट के साथ लिंक कर लेते हैं और पीड़ित को पेटीएम वॉलेट फोन-पे, भीम यूपीआइ में टू कनेक्ट में जाकर यूपीआइ पिन को लॉगइन करने को बोलते हैं और उनसे दोबारा ठगी कर लेते हैं. साथ ही उपरोक्त आरोपी फर्जी सिमकार्ड से फर्जी बैंक अधिकारी बन कर आम लोगों को फोन कर एटीएम बंद होने व एटीएम चालू कराने के नाम पर बैंक खाते से संबंधित जानकारी व ओटीपी प्राप्त कर अवैध निकासी करने का काम करते थे.

केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर लोगों से ओटीपी व आधार कार्ड नंबर पूछ कर उनके आधार लिंक खाते से अवैध रूप से रुपयों की निकासी करने का काम करते थे. फोन-पे, पेटीएम मनी रिक्वेस्ट भेज कर उनसे ओटीपी प्राप्त कर रुपयों की ठगी की जाती थी.

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