
Palamu : पलामू बाल गृह के एक 13 वर्षीय नाबालिग किशोर ने कै-दस्त के बाद इलाज के क्रम में गुरूवार को दम तोड़ दिया. वह तीन दिनों से बीमार था. उसे इलाज के लिए मेदिनी राय मेडिलक कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच उसकी मौत हो गयी. बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है. वह मानसिक रूप से दिव्यांग था.
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि बच्चे के बीमार होने के बाद इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था. 31 मई 2020 को पाटन थाना की पुलिस ने नाबालिग का रेस्क्यू किया था, उसकी पहचान नहीं हो पायी थी.
उन्होंने बताया कि दोपहर में मौत होने पर उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की छानबीन शुरू की गयी है.
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दो महीने में दूसरी मौत
पलामू बाल गृह में दो महीने के दौरान बीमारा पड़ने के बाद बच्चे की मौत हो जाने की यह दूसरी घटना है. बाल गृह में वैसे बच्चे को रखा जाता है, जो अनाथ होते हैं, जिनका कही कोई अता पता नहीं रहता है. पूरी व्यवस्था समाज कल्याण विभाग के अधीन है. वैसे बच्चों को रखकर उनका हर तरह से विकास किया जाता है, लेकिन दो महीने के दौरान दूसरी मौत हो जाने से यहां की व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है.
खाने पीने के मामलों की शिकायत पहले से आती रही है, लेकिन मौत का मामला सामने आने से अन्य मामले को भी बल मिलता दिख रहा है.
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विदित हो कि पलामू बाल गृह में फिलहाल 12 बच्चे हैं, जो जिला के विभिन्न इलाकों से रेस्क्यू किए गए हैं. दो महीने पहले बाल गृह में रहने वाले एक नाबालिग की तबियत खराब हो गई थी, उसे इलाज के लिए एमएमसीएच में भर्ती किया गया था. डॉक्टर्स ने उसे रिम्स रेफर कर दिया था, इलाज के क्रम में उसकी भी मौत हो गई थी.
मृत दोनों बच्चे दिव्यांग थे और मानसिक रूप से कमजोर थे, दोनों में डायरिया के लक्षण थे. घटना की जानकारी मिलने के बाद वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच कर रहे हैं.




