
New Delhi : आपने कई राजनेताओं को अपने भाषणों में कई कवियों, शायरों या गीतकारों की पंक्तियां इस्तेमाल करते सुना होगा. अभी हाल ही में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने भाषण के दौरान एक कविता की लाइनें इस्तेमाल की थी. इस मामले में एक ट्विस्ट आ गया है.
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क्या है मामला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कुछ दिनों पूर्व “बहुत हुआ इंतजार अब, सुनो द्रौपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे. औरों से कब तक आस लगाओगी”…ये कविता इस्तेमाल की थी. अब इस कविता की चोरी का आरोप कविता के लेखक पुष्यमित्र उपाध्याय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर लगाया है.
इसके साथ ही लेखक पुष्यमित्र उपाध्याय ने उनकी लिखी कविता के राजनीतिक उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, पुष्यमित्र उपाध्याय ने ये कविता “निर्भया कांड” के समय आहत होकर लिखी थी.
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चित्रकूट के रामघाट पर महिलाओं को किया था संबोधित
कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर कविता चोरी का आरोप लगाते हुए कहा है कि ये कविता उन्होंने देश की स्त्रियों के लिए लिखी थी न कि घटिया राजनीति के लिए.
दरअसल उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार 17 नवंबर को चित्रकूट पहुंचीं थी.
उन्होंने पहले मत्स्य गजेन्द्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया. इसके बाद महिलाओं से संवाद किया. इस संवाद के दौरान उन्होंने चित्रकूट के रामघाट पर महिलाओं को संबोधित करते हुए महिलाओं से यूपी को बदहाली से निकालने के लिए संघर्ष में आगे आने का आह्वान किया, उन्होंने एक कविता पाठ किया, “बहुत हुआ इंतजार अब, सुनो द्रौपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे. औरों से कब तक आस लगाओगे.”
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कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने क्या कहा
अब कविता को लिखने वाले कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रियंका गांधी को कविता के राजनीतिक उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, ये जानकारी पुष्यमित्र उपाध्याय ने खुद ट्वीट करके दी है.
कवि पुष्यमित्र उपाध्याय ने कहा कि ये कविता मैंने देश की स्त्रियों के लिए लिखी थी न कि आपकी घटिया राजनीति के लिए. उन्होंने लिखा है कि न तो मैं आपकी विचारधारा का समर्थन करता हूं और न ही मैं आपको अपनी साहित्यिक संपत्ति का राजनैतिक उपयोग की अनुमति देता हूं.
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