
Ranchi: नौ दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. हजारों की संख्या में लोग हुजूम में उमड़ रहे हैं. सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालु मुख्य मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं. भगवान को भोग लगाने के बाद भगवान जगन्नाथ का दर्शन सुबह 5:00 बजे से सर्व सुलभ हो गया. महिला एवं पुरुष अलग- अलग पंक्तियों में होकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के विग्रह का दर्शन कर रहे हैं पूरे मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के जयघोष से गूंज रहा है. मंदिर के प्रबंधक रथयात्रा की तैयारी में जुटे हैं.
मुख्य मंदिर के नीचे रथ को सजा कर रखा गया है. इससे भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा के साथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना होंगे. झारखंड के दूरदराज इलाकों से हजारों की संख्या में लोग प्रभु जगन्नाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं. शहीद मैदान के पास पुलिस बल की विशेष व्यवस्था है. यहां से श्रद्धालु पैदल ही मुख्य मंदिर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं. पंचमुखी हनुमान मंदिर से गोलचक्कर होते हुए भी मुख्य मंदिर की ओर बड़ी संख्या में लोग जा रहे हैं. मुख्य मंदिर में भगवान के दर्शन के बाद लोग मेले का आनंद उठा रहा हैं. छोटे बच्चे, युवा बुजुर्ग यहां लगे मेले उठा रहे हैं. मुख्य मंदिर की पहाड़ियों पर झारखंड के पारंपरिक हथियार तीर धनुष , तलवार , भला, बरछी आदि की अच्छी बिक्री हो रही है. मछली पकड़ने वाले जाल को खरीदने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी है. मेला क्षेत्र में हल्की भी बारिश भी हो रही है लेकिन इसके बावजूद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हो रहा है. लोग छाता लगाकर मेले का आनंद उठा रहे हैं.

दोपहर 2:00 बजे के बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र , बहन सुभद्रा के विग्रह को पारंपरिक तरीके से मुख्य मंदिर से नीचे लाया गया , जहां भगवान को रथ पर लेकर उनका साज श्रृंगार किया गया. इसके बाद पंडितो और श्रद्धालु के द्वारा भगवान के एक हजार नाम का जप किया गया. इस दौरान पुजारी और पुरुष श्रद्धालु धोती पहन कर तथा महिलाएं साड़ी पहनकर रथ के सामने पूजा में बैठी है.
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