
Chatra : बरसात के आगमन के साथ ही चतरा में सर्पदंश की घटनाओं में तेजी आई है. महज एक माह में विषधारों ने 36 लोगों को अपना शिकार बनाया है. गनीमत यह रही कि समय रहते सर्प दंश के शिकार लोगों को सदर अस्पताल ले जाया गया. इनमें से 35 का सफल उपचार तो सदर अस्पताल में ही कर दिया गया. जबकि एक जख्मी मरीज को बेहतर उपचार के लिए रांची रिम्स रेफर किया गया. सदर अस्पताल में भर्ती आइसा तबस्सुम ने बताया कि वह अपने घर के बाहर दरवाजे पर सुबह सुबह झाड़ू लगा रही थी, इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया. उसने जब अपनी मां को बताया तो उसे उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया. वैसे तो अब तक सर्प दंश के आए 36 का यह आंकड़ा तो महज सरकारी अस्पताल की है. जबकि सच्चाई तो यह है कि दर्जनों अन्य लोगों को भी सर्पों ने काटा है, जो सदर अस्पताल ना पहुंचकर अन्यत्र उपचार करा लिए हैं.
बताते चलें कि चतरा जिला जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित जिला है. जंगल झाड़ी अधिक होने के कारण यहां विभिन्न प्रजाति के सांप भी पाए जाते हैं. जब बारिश होती है तो सांप अपने अपने बील से बाहर निकल आते हैं. इस दौरान जो भी इनके जद में आते हैं वह उसे अपना शिकार बनाते हैं. वैसे तो 36 सर्प दंश का यह आंकड़ा तो एक शुरुवात है. बरसात खत्म होते होते यह आंकड़ा 100 से भी पार चला जायेगा. हालांकि सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधिक्षक डॉ अरविंद केशरी ने बताया कि सदर अस्पताल में करीब पांच सौ से अधिक स्नेक बाइट भेक्सिन उपलब्ध हैं. जो सर्पदंश के शिकार लोगों की जान बचाने के लिए पर्याप्त है.
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