
Ranchi/Bokaro : नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से फुसरो में कोल म्यूजियम निर्माण को लेकर मंगलवार को बैठक की गयी. विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा. जिसके बाद परामर्शदात्री कंपनी को सचिव ने निर्देश दिया कि म्यूजियम आधुनिक सुविधाओं से लैस हो. इसके अंडरग्राउंड माइनिंग में होन वाली सभी गतिविधियों का डिजिटल डिस्पले किया जाए. इससे कोयला खदानों के अंदर हो रहे सभी कार्यों की सही मॉनिटरिंग की जाएगी. सचिव ने निर्देश दिया कि डिजिटल डिस्पले से कोयला निकालने से लेकर उसके परिवहन और उसमें लगी अलग-अलग मशीनों की जानकारी लोग ले सकें.
14 एकड़ जमीन में बनाया जाएगा कोल म्यूजियम
बोकारो के फुसरो में बनने वाले कोल म्यूजियम का निर्माण 14 एकड़ जमीन में किया जाएगा. यहां लोग अंडरग्राउंड माइनिंग से लेकर म्यूजियम के ट्रॉली, ब्लास्टिंग तक को देख पाएंगे. तीन स्तरों के भूभाग में बाहर से पब्लिक यूटिलिटी की सारी सुख सुविधाओं मौजूद होंगी.
सुरंगनुमा बनेगी म्युजियम
म्युजियम सुरंगनुमा होगा. जिसका मकसद माइनिंग के क्षेत्र में रूचि रखने वाले लोग सही जानकारी पा सके. साथ ही लोग अंडरग्राउंड और ओपन कास्ट माइनिंग एक सुरक्षित तस्वीरें देख सकें. सुरंग के बाहर बनाएं पार्क में भी इससे संबधित जानकारी दी जाएगी. इसके लिए सचिव ने परामर्शदात्री कंपनी को आइएसएम धनबाद से संपर्क करने का निर्देश दिया.
सुरक्षा कारणों से नहीं देख पाते लोग
सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि अंडरग्राउंड माइनिंग लोग सुरक्षा के लहजे से नहीं देख पाते और न ही उन्हें इजाजत मिलती है. ऐसे में सुरक्षित माहौल में लोग कोयला खनन देख पाएंगे. पार्क में बच्चों के खेलने कूदने, जॉगिंग समेत अन्य सुविधाएं होंगी. इसके साथ ही कोयला से संबधित राज्य भर की जानकारी लोगों को यहां मिल पाएगी. इसके साथ ही देश के किस क्षेत्र में कौन सी वस्तुएं खनन से निकली है, कितने मजदूर लगे है, इसकी जानकारी भी उपलब्ध होगी.




