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क्या 200 में से एक ट्रेन मिलने पर अब हल्ला मचायेंगे राज्य के BJP नेता, केंद्र कर रहा सौतेलापन: विनोद सिंह

  • न्यूज विंग से बात करते हुए कहा गैर भाजपा शासित प्रदेशों को परेशान कर रही केंद्र
  • क्या अब बाबूलाल मरांडी चुप रहेंगे, जबकि रांची पटना ट्रेन से प्रवासियों को कोई लाभ नहीं

Ranchi: रेल मंत्रालय ने दो सौ ट्रेनों के परिचालन की सूची जारी की है. परिचालन एक जून से शुरू होगी. लेकिन इन 200 ट्रेनों में सिर्फ एक ही ट्रेन झारखंड को दी गयी है. वो भी रांची से पटना के लिए. भाकपा माले विधायक विनोद सिंह ने केंद्र सरकार की घोषणा के बाद आपत्ति दर्ज की है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि 200 ट्रेनों में से झारखंड को सिर्फ एक ट्रेन मिलना हैरानी की बात है. अन्य राज्यों में फंसे झारखंड के लोग अब भी पैदल, साइकिल, ऑटो, ट्रक, टैक्सी आदि से बेहद तकलीफदेह और मंहगी यात्रा करने को मजबूर हैं. केंद्र सरकार अब ढकोसला बंद करे. और प्रमुख शहरों से झारखंड के लिए ट्रेन शुरू की जाए.

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इस संबध में विधायक ने दो ट्वीट किया. पहले ट्वीट में उन्होंने केंद्र से सवाल करते हुए लिखा कि केंद्र का आरोप था कि हेमंत सरकार इसकी अनुमति नहीं दे रही थी. अनुमति की जरूरत भी नहीं थी. तब भी महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली, तमिलनाडु से झारखंड की कोई ट्रेन नहीं दिया गया, ये सौतेलापन नहीं तो और क्या है.

पहले राज्य सरकार पर लगाया आरोप

इस मामले में विधायक विनोद सिंह ने न्यूज विंग को बताया कि पहले तो केंद्र सरकार यह दलील दे रही थी कि मुख्यमंत्री अनुमति नहीं दे रहे. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने जितना हुआ, वो किया. केंद्र के इस बयान के बाद, भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी खूब हल्ला किया.

लेकिन अब तो स्थिति स्पष्ट हो गयी है. असलियत सामने आ गयी है. अब तो स्पष्ट है कि राज्य के अनुमति की कोई जरूरत ही नहीं थी. रेल मंत्रालय की ही भूमिका अहम है. राज्य के लिए कोई भी अलग से ट्रेन की सुविधा नहीं है. न ही महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली, तमिलनाडु आदि राज्य हैं. रांची से पटना के लिए एक ट्रेन दी गयी है. यह भी लोकल है. जो पटना के लोगों के लिए अनुकूल है.

गैर भाजपा शासित प्रदेशों को परेशान कर रहा केंद्र

विनोद सिंह ने कहा कि कल तक बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में हल्ला मचाया. मंत्रालय की अधिसूचना के बाद क्या अब वो हल्ला मचायेंगे. या चुप रहेंगे. केंद्र में तो उन्हीं की सरकार है. ये स्पष्ट है कि जहां भी गैर भाजपा सरकार है, वहां केंद्र सरकार परेशान करने की नीति बना रही है.

सबसे ज्यादा ट्रेनें बिहार को दी गयीं, क्योंकि आने वाले समय में वहां चुनाव है. केंद्र सरकार राज्य को परेशान कर रही है. इसपर राज्य भाजपा के नेता कब तक चुप रहेंगे. इन्होंने कहा कि राज्य के सबसे अधिक मजदूर महाराष्ट्र में फंसे हुए हैं. जबकि सूरत, दिल्ली जैसे शहरों के लिए कोई ट्रेन नहीं है. रांची पटना ट्रेन लोकल ट्रेन ही मानी जायेगी. क्योंकि इससे प्रवासियों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला.

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