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अर्जुन मुंडा समेत 400 लोगों के फोन टैप कराते थे पूर्व सीएम रघुवर दास, FIR दर्ज करे सरकार: डॉ अजय कुमार

Ranchi: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर फोन टैपिंग करने के कथित आरोप का मामला ठंडा होता नहीं दिख रहा है. सरयू राय ने पूर्व सीएम पर फोन टैंपिग करने का आरोप लगाया था. अब पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और आप नेता डॉ अजय कुमार ने भी रघुवर दास पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा है कि रघुवर दास केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और उनके करीबियों के भी फोन टैप करवाया करते थे. उनके मुताबिक अर्जुन मुंडा के अलावा रघुवर दास ने पूर्व मंत्री सरयू राय, अमरप्रीत सिंह काले समेत 400 लोगों के फोन की टैंपिंग करायी थी.

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पूर्व सीएम पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग

डॉ अजय कुमार ने राज्य सरकार से यह मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ इन आरोपों की पुष्टि हो चुकी है, लिहाजा प्राथमिकी दर्ज की जाए. उन्होंने ट्वीट कर यह भी दावा किया कि तमाम कद्दावर नेताओं समेत 400 लोगों की फोन टैपिंग कर जासूसी कराने का खुलासा सीआइडी की जांच में हुआ है.

बता दें कि वर्तमान में राज्य सरकार के पूर्व मंत्री व वर्तमान में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के लगाए आरोप के बाद फोन टैपिंग की सीआइडी जांच चल रही है.

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1 मई को सरयू राय ने लिखी थी डीजीपी को चिट्ठी

बता दें कि विधायक सरयू राय ने बीते 1 मई को डीजीपी एमवी राव को एक पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर जासूसी का आरोप लगाया था. सरयू राय की शिकायत के बाद ही सीआइडी में फोन टैपिंग की जांच शुरू की गईं है.

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हालांकि सीआइडी जांच में अब तक सरयू राय के फोन टैपिंग की पुष्टि नहीं हुई है. जल्द ही सीआइडी अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. सरयू राय के आरोपों पर स्पेशल ब्रांच में भी जांच की जा रही है.

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एक रिपोर्ट में स्पेशल ब्रांच के समानांतर एक दफ्तर चलने की जानकारी सरकार को दी गयी है. गौरतलब है कि डॉ अजय कुमार से पहले सरयू राय ने भी एसआइटी बनाकर जांच करने की मांग भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की है. हालांकि सरकार के स्तर पर फिलहाल एसआइटी गठित नहीं की गई है.

महत्वपूर्ण फाइल जलाने का लगाया था आरोप

सरयू राय का यह आरोप कोई पहला मामला नहीं है. वे लगातार पूर्व की सरकार पर हमलावर रहे हैं. पिछले दिसंबर माह में भी सरयू राय ने तत्कालीन मुख्य सचिव को एक पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने भवन निर्माण, पथ निर्माण और ऊर्जा विभाग की महत्वपूर्ण फाइलों को गुपचुप तरीके से जलाये जाने का आरोप लगाया था.

मामले को लेकर उन्होंने विभागों और सचिवालय पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया था. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी को आधार बनाकर सरयू ने कहा था कि पुलिस विभाग के स्पेशल ब्रांच एवं सीआइडी प्रभागों में कई महत्वपूर्ण सूचनाओं से संबंधित कागजातों को नष्ट किया जा रहा है. तत्काल प्रभाव से इसपर रोक लगनी चाहिए. ऐसा अगर नहीं किया गया तो इसमें गड़बड़ी हो सकती है.

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