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धनबाद जिला बीजेपी कार्यालय में इतना सन्नाटा क्यों है भाई…

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Vikash Pandey

Dhanbad: विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा केजेसी मल्लिक रोड स्थित कार्यालय में जाने पर एक सज्जन कपूर मिलते हैं. कभी कोई उनसे बात करते मिल जाता है. नहीं तो सन्नाटा ही नजर आता है. धनबाद जिले में भाजपा के चार विधायक हैं. सिंदरी से फूलचंद मंडल, धनबाद से राज सिन्हा, बाघमारा से ढुल्लू महतो और झरिया से संजीव सिंह. संजीव सिंह की बात छोड़ दें, क्योंकि वह पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में जेल में बंद हैं. वैसे वह भी जब बाहर थे तो अपनी बैठकी कुंती निवास स्थित घर पर लगाते थे या झरिया-कतरास मोड़ स्थित जनता मजदूर संघ के कार्यालय में. उनकी बैठकी में हमेशा सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रहती थी.

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उधर, कतरास के चिटाही स्थित अपने गांव में विधायक ढुल्लू अपना आसन जमाते हैं. वहां दिनभर गहमा-गहमी रहती है. फूलचंद मंडल अपने बरवाअड्डा स्थित गांव में आमतौर पर उपलब्ध होते हैं. धनबाद के विधायक राज सिन्हा का भी दरबार इनके सरायढेला स्थित घर पर लगता है. सांसद पशुपतिनाथ सिंह का दरबार उनके धनसार स्थित आवास पर लगता है. इधर, पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह भी अपने भूली स्थित घर पर ही बैठक करने लगे हैं.

भाजपा और जिलाध्यक्ष के फेसबुक वाल पर जाने पर, कहीं भी पब्लिक की समस्याओं का कोई उल्लेख नहीं मिलता है. भाजपा के प्रवक्ता मिल्टन पार्थसारथी लोगों के जन्मदिन या अन्य अवसरों पर फोटो लगाकर तारीफ के पुल बांधते हुए पोस्ट करते हैं. और उस पर वाह-वाह मची रहती है. शनिवार को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण दिन था, जब रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने धनबाद में आकर स्पष्ट कर दिया कि अब डीसी रेल लाइन पर ट्रेन नहीं चलेगी. मंत्री की इस घोषणा के बाद भी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष आदि के फोटो फेसबुक पर इस तरह चमकाए गये, जैसे सबने कुछ पा लिया हो.

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जिला कार्यालय में कोई पदाधिकारी भी क्यों नहीं नजर आता है

बात अगर भाजपा की जिला कार्य समिति की करें, तो इसके कुल मेंबर सैकड़ों में हैं. महामंत्री, उपाध्यक्ष सहित पदाधिकारियों की लंबी-चौड़ी फौज है. नाम नहीं छापने की शर्त पर पार्टी के पदाधिकारियों ने अलग-अलग बातचीत में कहा कि बीजेपी ऑफिस में बैठे रहने से उनकी दाल-रोटी नहीं चलेगी. जेब में पैसा नहीं होगा, पांच गो आदमी नहीं रहेगा तो पर्टियों नहीं पूछेगा. सवाल है वहां जाकर क्या करेंगे? सांसद, विधायक का अपना दरबार लगता है. उन लोगों के पास पावर है. पार्टी के पदाधिकारी क्यों बेगरिया भटकते चलें?

क्या कहा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने

जिला कार्यालय में वह बैठते हैं. पार्टी के सांसद, विधायक भी पार्टी ऑफिस आते हैं. ढुल्लू महतो भी आते हैं. यह सही बात है कि पार्टी ऑफिस में जन सामान्य की समस्या के समाधान की कोई लिखित प्रक्रिया नहीं है. कोई ऐसा रजिस्टर नहीं जिस पर अपनी समस्या को लेकर आने-जाने वाले लोगों का नाम सहित अन्य विवरण लिखा जाए. वैसे जिले के कोने-कोने से पांच-सात लोग अपनी समस्या के समाधान के लिए रोज जिला कार्यालय आते हैं. उन्हें संबंधित क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारी या नगर निगम से संबंधित समस्या होने पर पार्टी से संबंधित पार्षद के पास भेज दिया जाता है. वह खुद भी समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी से मिलते हैं.

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लोग संतुष्ट नहीं पार्टी के काम से

संवाददाता ने भाजपा और इसके नेताओं के काम के बारे में दर्जनाधिक लोगों से पूछा. लोगों का जवाब नकारात्मक ही मिला. कोई भाजपा नेता या इसके विधायक और सांसद का एक भी उल्लेखनीय कार्य नहीं बता सका. कुछ लोगों ने कहा कि सुना है ढुल्लू महतो आमलोगों का काम करते हैं.

वहीं, ज्यादातर लोगों ने भाजपा नेताओं, इसके सांसद और विधायकों पर ठेकेदार और दलालों से घिरे रहने का आरोप लगाया. यह भी कहा कि सांसद, विधायक फंड का काम कमीशन लेकर चुनिंदा ठेकेदारों से कराया जाता है. सड़क आदि उन इलाकों में बनाए जाते हैं जहां बिल्डर या कोई संपन्न व्यक्ति बदले में संतुष्टि योग्य सुविधाएं उपलब्ध कराता है. सांसद और विधायक किसी दुकान, क्लिनिक आदि के उद्घाटन के निजी कार्यक्रम में प्रफुल्लित नजर आते हैं. लेकिन जहां कोई समस्या की बात करता है, मामला एक दूसरे पर टालकर पतली गली से निकलने की कोशिश में लग जाते हैं.

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