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सरकार करायेगी प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के बहुमंजिली इमारतों की जांच

नक्शे और जमीन संबंधी मामलों की वैधता जांच को लेकर बनेगी कमेटी

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Ranchi :  राज्य सरकार ने राजधानी के प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बनाये गये बहुमंजिली इमारतों की जांच कराने का फैसला लिया है. इनके साथ पंचवटी बिल्डर्स, सरावगी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, व्यावसायी संतोष जैन की कंपनियों की ओर से रियल इस्टेट के क्षेत्र में हुए तालमेल को लेकर जांच कमेटी भी गठित की जायेगी.

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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव केके सोन ने न्यूजविंग संवाददाता को बताया कि राजधानी रांची में विवादित जमीन पर कई बहुमंजिली इमारतों के बनने की सूचना मिली है. इसमें जमीन की मिल्कियत समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की जायेगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल वे रांची से बाहर हैं. राजधानी पहुंचने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी. उनके संज्ञान में शहरी भू-हदंबदी एक्ट से संबंधित जमीन पर हुए निर्माणकार्य की बातें आयी हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले पर जिले के उपायुक्त और अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारियों से रिपोर्ट मंगा कर आगे की कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा धनबाद और जमशेदपुर से भी रिपोर्ट मंगायी जायेगी.

संतुष्टि अपार्टमेंट में खरीददारों को फ्लैट बेचने के लिए किया था एग्रीमेंट

न्यूजविंग ने प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से राजधानी के करबला चौक में बनाये गये संतुष्टि अपार्टमेंट से संबंधित खबर प्रकाशित की थी. इसमें संतोष जैन, पंचवटी बिल्डर्स के आलोक सरावगी, गोविंद राम सरावगी की पत्नी राजकुमारी देवी सरावगी, पंकज सरावगी की पत्नी अंजना सरावगी, आलोक सरावगी की पत्नी रश्मि सरावगी समेत नीतेश कुमार अग्रवाल का नाम सामने आया है. इन लोगों ने ही संतुष्टि अपार्टमेंट में खरीददारों को फ्लैट बेचने के लिए एग्रीमेंट भी किया था. दस्तावेजों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि नीतेश कुमार अग्रवाल, जो प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर विजय अग्रवाल के पुत्र हैं, उन्होंने करबला चौक की जमीन एमएस प्लाट संख्या-371, 372, 376, 377, 379, 380 और 382 को लेकर पावर ऑफ अटोर्नी ले रखा है. 2011 में राजकुमारी देवी सरावगी, अंजनी सरावगी और रश्मि सरावगी की तरफ से एमएस प्लाट संख्या 372 में से 1.42 एकड़ जमीन ली थी. इससे पहले कुंदन कुमार ने जया घोष ने मार्च 2011 में कुंदन वर्मा को उपरोक्त जमीन की पावर ऑफ अटार्नी सौंपी थी. रांची शहर अंचल के कोनका मौजा की इस जमीन का होल्डिंग नंबर नहीं दिखता है, जबकि रजिस्टर-2 के पृष्ठ संख्या 139 में लगान निर्धारण वाद संख्या 5588 आर27-2010-11 दिखलाता है. इसमें एक वर्ष के लगान के भुगतान का भी जिक्र है.

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चार रियल इस्टेट डेवलपर कर रहे हैं मिल कर काम

राजधानी में प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ चार रियल इस्टेट डेवलपर कंपनियां मिल कर काम कर रही हैं. इनमें पंचवटी बिल्डर्स, सरावगी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, संतोष जैन की कंपनी भी शामिल हैं. राजधानी के कोनका, लालपुर, मोरहाबादी, कांके रोड, रांची विवि के बगल में, बारगेन बाजार के समीप, पुनदाग और अन्य जगहों पर इन सभी बिल्डरों के बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं. यहां यह भी बताते चलें कि सरावगी बिल्डर्स के प्रमोटरों पर सीबीआइ की तरफ से एक अरब से अधिक की धोखाधड़ी करने के संबंध में अमित सरावगी, ज्ञान सरावगी और अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिसकी जांच चल रही है. इतना ही नहीं इनके लालपुर प्रोजेक्ट के नाम पर बैंैंक ऑफ इंडिया को एक ही दस्तावेज दिखा कर 20 करोड़ से अधिक का कर्ज लिये जाने का मामला भी चल रहा है. साथ ही साथ शेल कंपनियां बना कर पैसे को इधर-उधर करने की बातें भी सामने आयी है.

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नगर निगम से स्वीकृत किये गये बड़े नक्शों पर भी नजर

राज्य सरकार की तरफ से 2010 के बाद रांची नगर निगम से स्वीकृत किये गये बड़े और व्यावसायिक इमारतों के नक्शे पर भी नजर है. सरकार एक बार फिर इन नक्शों की वैधता की जांच करायेगी. इतना ही नहीं नक्शा पास करने से संबंधित एक मामला सीबीआइ में पहले से चल रहा है. इसमें नगर निगम और आरआरडीए के टाउन प्लानर और अन्य अभियंता संदेह के घेरे में हैं. 2010 के बाद से घनश्याम अग्रवाल, गजानंद राम, उदय सहाय, एचके सिंह नगर निगम में टाउन प्लानर रह चुके हैं.

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