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हममें भी कमियां हैं, स्वीकारते हैं, हम अविकसित राज्य हैं, हमें विकासशील बनना हैः मुख्यमंत्री

Ranchi: विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन दूसरी पाली में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई और सरकार की तरफ से जवाब दिया गया. सदन में विधायी कार्य सुचारू रूप से चला. इसके लिए सरकार के जवाब के क्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सभी का धन्यवाद भी दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम अविकसित राज्य हैं और हमें विकासशील बनना है. उन्होंने कहा कि विकास की दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं, कुछ कमियां हो सकती हैं जिसे मैं स्वीकार करता हूं. साथ ही पत्थलगड़ी पर किये गये केसों के बारे में कहा कि जो भी संविधान के खिलाफ काम करेगा, उस पर देशद्रोह का केस चलेगा. अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बाकी भी जांच के बाद जेल जाएंगे. मदरसों के शिक्षकों के भुगतान के संदर्भ में कहा कि 183 मदरसों का प्रतिवेदन प्राप्त है, 57 मदरसे परिस्वीकृति की शर्तों को पूरा करते हैं, उनका वेतन भुगतान किया जा रहा है.

राज्यपाल को धन्यवाद दिया

राज्यपाल का धन्यवाद देते हुए उन्हेांने कहा कि राज्यपाल ने अभिभाषण के दौरान न केवल अपने दायित्व का निर्वहन किया है बल्कि हमें निर्देशित भी किया है. साथ ही कहा कि अभिभाषण की चर्चा के दौरान हम पर कई सवाल भी उठे और कमियों को सामने भी लाया गया. हम आलोचना का लाभ उठाते हैं. हमने स्थिति में काफी सुधार किया है और झारखंड के विकास के अपने दावे को जमीन पर उतारने का काम करेंगे.

झामुमो और कांग्रेस में इतना दम नहीं कि भाजपा का सामना अकेले कर सके

राज्यपाल के अभिभाषण का धन्यवाद प्रस्ताव राधाकृष्ण किशोर ने पढ़ा. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ विपक्ष पर कटाक्ष भी किया. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में किये जा रहे विकास से विपक्षी डरे हुए हैं. झामुमो और कांग्रेस में इतना दम नहीं कि वे भाजपा का सामना कर सकें. इसलिए छोटी-छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन कर रहे हैं. साथ ही कांग्रेस के विधायकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि झामुमो के विधायकों को संस्कृति सिखाइये कि राज्यपाल के संबोधन के समय कैसे बर्ताव करना चाहिए. राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ऐसे पहले विपक्ष के नेता हैं जो 50 बार बैठते-उठते रहे.

जनजातीय लोगों के बारे में पहले किसी भी सीएम ने नहीं सोचाः रामकुमार पाहन

राधाकृष्ण किशोर के प्रस्ताव का समर्थन रामकुमार पाहन ने किया. उन्होंने साथ ही कहा कि इससे पहले जितने भी राज्य में मुख्यमंत्री हुए सभी जनजातीय समाज से ही थे. पर किसी ने जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए काम नहीं किया. रघुवर दास के नेतृत्व में ही राज्य में जनजातीय आयोग की स्थापना हुई. इससे पहले जनजातीय लोगों की क्या स्थिति थी यह किसी से भी नहीं छुपी है. उन्होंने कहा कि 2014 में जहां जनजातीय समाज के विकास के लिए 11,997 करोड़ था, वहीं 2018 में इनके विकास के लिए 20,764 करोड़ का बजट था.

108 बहुत बड़ा घोटाला साबित होगाः स्टीफन

स्टीफन मरांडी ने कहा कि 108 बहुत बड़ा घोटाला साबित होगा, यह बात मैं दावे से कह सकता हूं. उन्होंने चर्चा के दौरान कहा कि मैं किसी पर कटाक्ष नहीं करना चाहता. अपना सुझाव दे रहा हूं. मैं खुद भुक्तभोगी रहा हूं. कई बार कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं आता, पर एंबुलेंस वाला खुद फोन करता है, तो तुरंत आ जाता है. इसमें बहुत बड़ा गेम चल रहा है. आप स्वयं जांच करा लें. साथ ही कहा कि लाखों रोजगार की बात करते हैं 6 हजार 8 हजार में पुणे में युवक कैसे रहेंगे. इस पर सीएम ने जवाब दिया कि 25,172 लोगों को 8 हजार तक के जॉब टेक्सटाईल कंपनी में दिये गए हैं, जहां उनके खाने रहने की व्यवस्था कंपनी ही करेगी. स्टीफन मरांडी ने कहा कि पीपीपी मोड पर बने पॉलिटेक्निक कॉलेज बिना टूल के प्रशिक्षण दे रहे हैं. आलमगीर आलम ने सवाल किया कि 18 लाख किसानों के पास जमीन नहीं है, इसका सर्वेक्षण कौन करेगा. ऐसे किसानों के उत्थान के लिए सरकार क्या करेगी. साथ ही मांग की कि पारा शिक्षकों के नियोजन और वेतनमान पारा छत्तीसगढ़ के तर्ज पर हो.

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