
New Delhi: राज्यसभा के आठ सांसदों के निलंबन पर सरकार और विपक्ष अड़ियल रवैया जारी है. वहीं कल से ही धरने पर बैठे निलंबित आठ सांसदों ने अपना धरना खत्म कर दिया है. इसके साथ ही विपक्ष ने राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया है.
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विपक्ष का बॉयकॉट
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों द्वारा मंगलवार को मौजूदा मॉनसून सत्र की शेष अवधि में राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद निलंबित सांसदों ने संसद भवन परिसर में अपना धरना खत्म कर दिया. कार्यवाही का बहिष्कार करने वाले दलों में कांग्रेस के अलावे समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (आप), वामदल, आरजेडी, टीआरएस और बीएसपी शामिल है.
So all the opposition parties boycotted the rest of the session. They appealed to all the people who were sitting at the dharna to finish it & join them in boycotting the rest of the session. That is how we have ended this dharna: Syed Nasir Hussain, Congress Rajya Sabha MP https://t.co/iDptDbqAgj
— ANI (@ANI) September 22, 2020
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और निलंबित सांसदों में शामिल राजीव सातव ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ से कहा, ‘विपक्ष इस सत्र में उच्च सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगा. ऐसे में हमने धरना खत्म कर दिया है. अब हम सड़क पर आंदोलन करेंगे.’
इससे पहले, मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब तक उच्च सदन के आठ सदस्यों का, मॉनसून सत्र की शेष अवधि से निलंबन वापस नहीं लिया जाता तब तक विपक्ष कार्यवाही का बहिष्कार करेगा.
वहीं सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि मैंने न केवल सांसदों की सदन वापसी की मांग की बल्कि मैंने विपक्ष की तरफ से माफी भी मांगी, लेकिन मेरी माफी के बदले कोई रिस्पांस नहीं दिया गया. इससे मुझे बहुत कष्ट हुआ. इसलिए मैं और मेरी पूरी पार्टी संसद के इस पूरे सत्र का बहिष्कार करती है.
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अमर्यादित व्यवहार के लिए निलंबित
गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के चलते सोमवार को आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा था तथा इस कदम के विरोध में वे संसद भवन परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे.
निलंबित किए गए आठ सांसदों में कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य शामिल हैं. उच्च सदन में कृषि संबंधी विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान ‘‘अमर्यादित व्यवहार’’ के कारण इन सदस्यों को मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया है.
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