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चीन ने #Corona संकट के बीच की शर्मनाक हरकत, भारत को दिया घटिया PPE किट

New Delhi: दुनिया भर में कोरोना संकट बरकरार है. हर देश इस महामारी से जूझ रहा है. इस वायरस से बचने के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट की जरूरत होती है. जिस चीन से कोरोना वायरस फैला है वह अब दुनिया को पीपीई किट सप्लाई कर रहा है. लेकिन इस संकट के वक्त भी चीन शर्मनाक हरकत कर रहा है.

चीन यूरोपीय देशों समेत कई जगहों पर घटिया क्वालिटी की पीपीई किट सप्लाई की है. भारत को भी चीन ने पीपीई किट भेजा था जो कि घटिया क्वॉलिटी का निकला है. इस किट को पहना ही नहीं जा सकता. यह पहनते ही फट जाते हैं. हालांकि, क्वॉलिटी के बारे में शिकायत किये जाने के बाद चीन ने अपने यहां क्वॉलिटी चेक बढ़ा दिया है.

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कई किट सुरक्षा जांच में फेल

इस मामले के जानकार का कहना है कि चीन से जितने भी पीपीई किट आये हैं उनमें से कई का इस्तेमान नहीं किया जा सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि सुरक्षा जांच में कई किट फेल हो गये. गौरतलब है कि चीन पीपीई किट सप्लाई करने वाला प्रमुख देश है.

गौरतलब है कि पांच अप्रैल तक भारत में चीन से 1.70 लाख पीपीई किट आये थे. इन सबी किट्स का क्वॉलिटी टेस्ट किया गया. जिसमें से 50 हजार किट्स क्वॉलिटी टेस्ट में फेल हो गये. भारत में इन सभी किट्स की जांच डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की ग्वालियर स्थित लैबोरेटरी में की गयी थी. मालूम हो कि जिन किट्स को FDA/CE से मान्यता नहीं मिली रहती है उन किट्स की भारत में क्वॉलिटी जांच की जाती है.

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चीन ने भारत को 650,000 चिकित्सा किट्स भेजी

चीन ने कोविड-19 वैश्विक महामारी से लड़ने में मदद के लिए भारत को गुरुवार को 650,000 कोरोना वायरस चिकित्सा किट्स भेजी. बिजिंग में भारत के दूत विक्रम मिस्री ने बताया कि चीन से खरीदी जा रही 20 लाख से अधिक जांच किटों को अगले 15 दिनों में भारत भेजा जाएगा. मिस्री ने गुरुवार को ट्वीट किया कि रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट्स और आरएनए एक्सट्रैक्शन किट्स समेत कुल 650,000 किटों को गुरुवार तड़के ग्वांग्झू हवाईअड्डे से भारत के लिए भेजा गया.

कोरोना वायरस से करीब ढाई महीने तक जूझने के बाद चीन में कारखानों ने एक बार फिर काम शुरू कर दिया है और वह भारत समेत दुनियाभर में वेंटिलेटर और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) समेत चिकित्सा सामान की भारी मांग को एक बड़े कारोबारी अवसर के तौर पर देख रहा है. चीन से इन सामान के आयात के लिये निजी और सरकारी कंपनियां दोनों ही ऑर्डर दे रही हैं.

ऐसी जानकारी है कि चीन ने भारत में मौजूदा लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में जांच बढ़ाने के उसके प्रयास के तौर पर पहले चिकित्सा किट्स की दो बड़ी खेप भेजीं.

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क्या कहना है चीन का

खराब गुणवत्ता के निर्यातों के बारे में विभिन्न देशों से मिली शिकायतों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने कहा कि स्थानीय चीनी दूतावासों ने इसे सत्यापित किया और ऐसी शिकायतों का जवाब दिया.

उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहुंगा कि गुणवत्तापूर्ण मेडिकल सामग्री की आपूर्ति लोगों के जीवन एवं स्वास्थ्य से जुड़ी हुई हैं. हम उस पर अत्यधिक ध्यान देंगे. जब गुणवत्ता में कोई समस्या आयेगी तब हम शीघ्रता से उसकी जांच करेंगे और दंडित करेंगे.

उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि विदेशी खरीददार उन कंपनियों के उत्पादों को चुनेंगे जिन्हें अच्छे उत्पाद की विश्वसनीयता के लिये चीनी नियामक से मान्यता प्राप्त है.

उन्होंने कहा कि हाल ही में कई देशों ने चीन से मेडिकल सामग्री खरीदी है. अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करते हुए हम विश्वसनीयता वाली कंपनियों और उत्पादों के निर्यात के मामले में प्रतिष्ठित कंपनियों की सहायता कर रहे हैं.

बीजिंग में नियुक्त भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री ने मंगलवार को कहा था कि भारत ने चीन से 1.5 करोड़ पीपीई, 30 लाख जांच किट खरीदने के आर्डर दिये हैं.

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