
Ranchi: राज्य सरकार ने मई माह से पांच जून विश्व पर्यावरण दिवस तक मिशन लाइफ संचालन के लिए गाइडलाइन को जारी कर दिया है. भारतवर्ष सहित झारखंड के 80 फीसदी गांव को पर्यावरण से समृद्ध करने पर जोर दिया जायेगा. इस संबंध में मनरेगा आयुक्त झारखंड राजेश्वरी बी की ओर से सभी उपायुक्त और डीडीसी को मार्गदर्शिका भेजी गयी है. वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस संबंध में 16 मई को ही ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखा था और गाइडलाइन से अवगत कराया था. मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के स्तर पर इस संबंध में बैठक होने के बाद मिशन लाइफ की सफलता के लिए अभियान चलाने का निर्देश सभी जिलों को दिया गया है. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रदूषण को कम करने के लिए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया है, जिसमें जलसंरक्षण, वृक्षारोपण, वन जीव संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक के खपत को कम करने, गीले एवं सूखे कचरे का उचित प्रबंधन, बिजली का आवश्यकतानुसार समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जायेगा. राज्य स्तर से जिला व प्रखंड स्तर पर अधिकारियों-कर्मियों को जिम्मेवारी दी गयी है. मनरेगा कर्मियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रखी गयी है.
ये मुख्य काम होगा
राज्य स्तर पर मनरेगा के कर्मियों का मिशन लाइफ पर उन्मुखीकरण किया जायेगा. जिसमें बागवानी, नाडेप, वर्मी कंपोष्ट, जलसंरक्षण, मृदा संरक्षण, बायो गैस प्लांट इत्यादि की उपयोगिता पर चर्चा की जायेगी. इसके अलावा बिजली-पानी के सदुपयोग, स्वच्छ एवं हरा-भरा ऑफिस का वातावरण, प्लास्टिक मुक्त ऑफिस, रिन्यूबल एनर्जी के इस्तेमाल, मेट, बागवानी, दीदी बाड़ी सखी मंडल इत्यादि के गठन पर भी जोर दिया जायेगा. जिला स्तर पर यह कार्य किया जायेगा. बायो गैस प्लांट लगाने पर अधिक जोर दिया जायेगा.
क्यों मिशन लाइफ
सरकार का मानना है कि औद्योगिकीकरण युग के शुरूआत के 170 वर्ष में विश्व के सतही तापमान में 12 डिग्री की बढ़त दर्ज की गयी है, जिसे पिछले 30 वर्षो में बाढ़, चक्रवात तथा जंगल में आग की घटना में लगभग पांच गुना बढ़ोतरी हुई है. इसके लिए मुख्य कारक उर्जा का अंधाधुंध प्रत्यक्ष एवं परोक्ष इस्तेमाल है. इसको ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हमारे देश द्वारा विश्व स्तर पर मिशन लाइफ प्रारंभ किया गया है. इस मिशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर से शुरू किया गया है. इस मिशन का उदेश्य है कि 2023-28 तक 100 करोड़ भारतीय एवं विदेशी नागरिकों तक इस मिशन को पहुंचाना है. 2028 तक भारतवर्ष के 80 प्रतिशत गांव को पर्यावरण समृद्ध बनाना है.
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