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मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद भी शास्त्री मार्केट उपर तल्ला के दुकानदार नहीं खोल पा रहे अपनी दुकान, दबंगों के आगे अधिकारी भी हारे

Ranchi : शास्त्री मार्केट के दबंग प्रबंधन कमेटी के लिए अपने ही कानून और नियम हैं. जो मुख्यमंत्री और रांची उपायुक्त, व एसडीओ के आदेश को भी मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. यहीं कारण है कि उपर तल्ला के दुकान सात-आठ माह से बंद हैं, और इसके दुकानदार दर-दर भटने के लिए विवश हो गये हैं. इनके समक्ष भूखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इसमें एक महिला और विधवा दुकानदार भी है.

गौरतलब है कि चार अगस्त को रांची शास्त्री मार्केट उपर तल्ला के दुकानदारों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी. उन्होंने सीएम से शिकायत की कि उनकी दुकानें जबरन बंद करा दी गयी हैं.

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इस संबंध में उन्होंने स्थानीय पुलिस थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. सीएम सोरेन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए रांची उपायुक्त से बात की और उन्हें दुकानों को खुलवाने का निर्देश दिया. इसके बाद उपायुक्त सक्रिय हुए और उन्होंने रांची एसडीओ को पहल करने के लिए कहा. लेकिन ये दुकानें आज तक नहीं खुलीं.

उपर तल्ला के दुकानदारों ने सीएम सोरेन को दिये आवदेन में कहा है कि वे भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं. क्योंकि शास्त्री मार्केट द्वारा पिछले छह माह से उनकी दुकानें जबरन बंद कर दी गयी हैं. ये दुकानदार सिलाई-कढाई करके किसी तरह 20-25 साल से यहां गुजारा कर रहे हैं. इनमें एक महिला दुकानदार भी है जिनके पति का निधन हो चुका है.

आवेदन में कहा है कि शास्त्री मार्केट की प्रबंधन कमेटी द्वारा उपर तल्ला जाने के रास्ते पर ताला लगा दिया है. गत दिसंबर में लाकडाउन का बहाना बनाकर प्रबंधन कमेटी ने दरवाजे पर ताला लगा दिया.

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लाकडाउन खत्म होने के बाद भी ताला नहीं खोला गया. इससे उपर तल्ला की दुकानें पिछले छह माह से बंद हैं. जिससे इन दुकानदारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गयी है. दर्जनों परिवार इससे प्रभावित हो रहे हैं.

दुकानदारों का कहना है कि उनकी आमदनी का कोई दूसरा जरिया नहीं है. जिससे वे परेशान हैं. इस बारे में समझौता के प्रयास को भी प्रबंधन कमेटी द्वारा नकार दिया गया.

आवेदन देने वालों में दीपक मक्कड़ (पिता द्वारिका दास), सुखविंर कौर (पति बलविंदर कौर), अब्दुल रशीद (पिता अब्दुल रहमान), मो जावेद (पिता मो शमीम), मो इस्लाम (पिता मो नईम) के नाम हैं.

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आवेदन में इन्होंने कहा है कि 18 जुलाई 2021 को जब वे दुकान खोलने शास्त्री मार्केट पहुंचे तो मार्केट के दीनदयाल कटारिया, रंजीत गुप्ता, तिद्दू, और सिंकी सरदार ने इनके साथ गाली गलौज भी की. दुकानदारों ने आवेदन मे कहा है कि शास्त्री मार्केट के कुछ दुकानदारों ने पुलिस की धौंस दिखाकर उन्हें देख लेने की धमकी दी.

इसकी सूचना भी थाना, अंचल कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय रांची को दी गयी. लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला. जबकि ये दुकानदार रांची नगर निगम को अपेक्षित टैक्स का भी भुगतान करते आ रहे हैं.

इस बारे में रांची एसडीओ दीपक कुमार दुबे के पास दुकानदारों ने सुलह के लिए आवेदन दिया. लेकिन उनके आदेश के बाद भी दुकानें बंद ही हैं.

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गौरतलब है कि शास्त्री मार्केट को रिफ्यूजी मार्केट के नाम से भी जाना जाता है. इस बिल्डिंग भी अब जर्जर हो चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. 2021 में मार्केट के न्यू पायल गारमेंट कपड़ा दुकान में शार्ट सर्किट से आग भी लग चुकी है.

यह भी सूचना है कि उपर तल्ला पर जेनेरेटर सेट चलाया जा रहा है. ये किसके आदेश पर चलाया जा रहा, जांच का विषय़ है. एक तरह से नीचे के दुकानदारों ने पूरे शास्त्री पर कब्जा करने के फिराक में है. जबकि उनको नीचे की दुकानें लीज पर दी गयी हैं.

इस मार्केट पर रांची नगर निगम द्वारा गाह-ब-गाहे भव्य मार्केटिंग काम्लेक्स बनाने की बात कही जा चुका है. इसके लिए कुछ साल पहले नक्शा भी प्रस्तावित हो चुका है. लोगों का कहना है कि निगम अगर ये कदम उठाता है तो ये निगम की आमदनी का एक बड़ा जरिया हो सकता है.

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