
Ranchi: झारखंड के पांचवीं विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 विधानसभा क्षेत्र में मतदान होंगे. ये 20 विधानसभा क्षेत्र पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रांची, गुमला, व सिमडेगा जिले में आते हैं.
इन 20 विधानसभा क्षेत्र में से 13 विधानसभा पूरी तरह से माइनिंग व उद्योग से भरे हुए हैं. लेकिन बीते पांच साल में खनिज संपदा से परिपूर्ण इन क्षेत्रों में न तो किसी माइनिंग की शुरुआत की गयी और न ही एक भी नये उद्योग स्थापित किये हैं. जबकि कोल्हान प्रमंडल के इन क्षेत्रों में केवल इसी साल मार्च से जुलाई के बीच 40 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग बंद हुए हैं. जिससे 40 हजार से अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं.
इसे भी पढ़ेंःगढ़वा: दो सगे भाईयों की गला रेतकर हत्या, पिछले तीन दिनों से थे लापता
नये उद्योग खुले नहीं, पुराने हुए बंद
कोल्हान प्रमंडल में कॉपर व आइरन ओर की माइनिंग सर्वाधिक होती है. इसी तरह उद्योगों की बात करें तो इन्हीं दो खनिज आधारित उद्योग काम कर रहे हैं. ऐसे उद्योगों व माइन्स की संख्या 200 से अधिक है, लेकिन बेरोजगारी बदस्तूर है.
बहुमत वाली डबल इंजन की सरकार ने यहां रोजगार के दूसरे विकल्प बीते पांच साल में तैयार किये ही नहीं हैं. वहीं जून से सितंबर माह के बीच एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर में 35 कंपनियां बंद हुई हैं. जहां से 20 हजार से अधिक लोग बेरोजगार हुए.
इसे भी पढ़ेंः#BJP और #AJSU ने Post Alliance के लिए खुला छोड़ा है रास्ता !
40 हजार स्किलड बेरोजगार
उद्योग और माइंस से भरे बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व, जमशेदपुर पश्चिम, सरायकेला, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, खरसावां विधानसभा क्षेत्र स्थिति तकनीकी शिक्षण संस्थानों से विभिन्न ब्रांच में आइटीआइ की डिग्री लेकर तकरीबन 2200, चार वर्षीय डिप्लोमा इंजीनियरिंग कर 18622, बीटेक की डिग्री लेकर लगभग 3000 विद्यार्थी निकलते हैं.
श्रम व नियोजन विभाग के आंकड़े के मुताबिक पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रांची, गुमला, व सिमडेगा जिले में आने वाले 20 विधानसभा क्षेत्र में विभीन्न तकनीकी शिक्षा प्राप्त 38225 युवक-युवतियां हैं.
इसे भी पढ़ेंः#JharkhandElection: 1 लाख 17 हजार सरकारी नौकरी देने का दावा झूठा, सही आंकड़ा है 38,029




