
Kumar Gaurav
Ranchi : झारखंड में विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार अपने कार्य गिनाकर वोटरों को लुभा रही है. इसके साथ-साथ वह एक झूठा दावा भी कर रही है. यह दावा रोजगार देने से संबंधित है.
सरकार दावा कर रही है कि रघुवर दास के कार्यक्रम में 1 लाख 17 हजार सरकारी नौकरियां दी गयी हैं, जबकि हकीकत में एक चौथाई की संख्या में भी नौकरियां नहीं दी गयीं.
सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में शिक्षक नियुक्ति और पुलिस विभाग की नियुक्तियों में 33,609 युवाओं को नौकरी दी सकी. इसके अलावा सिर्फ 4420 पदों पर ही नियुक्ति करा सकी.
ये आंकड़े नियुक्ति विज्ञापन में दी गयी कुल पदों की संख्या से हैं जिसमें भी सभी पदों पर सरकार ज्वाइनिंग नहीं दे सकी है.
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जेपीएससी और जेएसएससी ने कई पदों पर निकाले आवेदन, नियुक्ति नहीं करा सके
ऐसा नहीं है कि सरकार ने नियुक्ति के लिए विज्ञापन नहीं निकाले. सिर्फ जेपीएससी ने 50 से अधिक विज्ञापन विभिन्न पदों के लिए जारी किये हैं. पर अधिकतर परीक्षाओं को तीन साल से अधिक समय के बाद या तो रद्द कर दिया गया या पुनः आवेदन मांगे गये हैं.
जेएसएससी ने भी प्रत्येक साल होने वाली परीक्षाओं के लिए पांच साल में सिर्फ एक बार ही आवेदन मंगाया.
उर्जा विभाग और नगर निगम जो अपने स्तर से नियुक्ति करते हैं, उनमें भी एक बार ही नियुक्ति हो पायी.
इसके अलावा नगर विकास विभाग में नियुक्ति अनुबंध के अलावा स्थायी पदों पर भी कराने की बात कही गयी थी पर एक साल होने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया में कोई सुगबुगाहट नहीं दिखाई दी.
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पांच सालों में एक भी जेपीएससी पूरा नहीं कराना सरकार की बड़ी नाकामी
पांच सालों में भी छठी सिविल सेवा परीक्षा को पूरा नहीं करा पाना वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी नाकामियों में से एक है.
छठी सिविल सेवा परीक्षा लगातार विवादों में रही है. आचार संहिता लागू होने से पंद्रह दिन पहले मात्र इंटरव्यू के लिए तारीख निर्धारित की गयी थी. हालांकि अभी तक मेंस का रिजल्ट जारी नहीं हो सका है.
किन पदों पर कितनी नियुक्तियां हुईं
हाईस्कूल 16,584
दरोगा बहाली 2600
झारखंड पुलिस 530
रेस्ट गार्ड 695
प्राथमिक शिक्षक 7,384
टीवीएनएल 102
नगर निगम 223
उर्जा विभाग जेई 123
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