
Ranchi: लोकमंथन कार्यक्रम के आयोजन को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने सरकार के खिलाफ हमला बोला है. बाबूलाल ने आक्रामक तेवर में कहा है कि रघुवर सरकार प्रारंभ से ही आदिवासी, दलित व गरीब विरोधी रही है. राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर ऐसे कई कदम उठाये जाते रहे हैं, जो जनविरोधी व गरीब विरोधी रहा है. कई मौकों पर झारखंड सरकार का चेहरा बेनकाब भी होता रहा है.
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टीएसपी मद की राशि लोकमंथन में खर्च करना न्यायसंगत नहीं
बाबूलाल ने कहा है कि ताजा वाक्या लोकमंथन कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है. रांची में इसका आयोजन हो रहा है, यह स्वागत योग्य है. लेकिन, इसका दूसरा पहलू आदिवासी समाज के प्रति सरकार के नजरिये को दर्शाने के लिए पर्याप्त है. आश्चर्यजनक बात है कि झारखंड सरकार ट्राइबल सब-प्लान (टीएसपी) मद की राशि लोकमंथन कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च कर रही है, जो कहीं से भी उचित व न्यायसंगत नहीं माना जा सकता है. किसी और मद का पैसा किसी दूसरे मद में व्यय करने को जायज नहीं ठहराया जा सकता है. इससे सरकार की मंशा जगजाहिर होती है कि उस समाज के उत्थान के प्रति सरकार का वास्तविक नजरिया क्या है.
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लोकमंथन के लिए हो रहे हैं 4 करोड़ रुपये खर्च
मरांडी ने कहा कि आंध्रप्रदेश सहित कई प्रदेशों में इस मद की राशि किसी दूसरे मद में खर्च करने का प्रावधान नहीं है. आज झारखंड में भी ऐसे ही प्रावधान की सख्त जरूरत है. झारखंड में ट्राइबल बहुतायत संख्या में हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण, बेरोजगारी, गरीबी, पलायन सहित तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में इनके विकास के मद का पैसा दूसरे मद में खर्च करना अनुचित है. झारखंड सरकार द्वारा खेलगांव में विगत 27 सितम्बर से 30 सितम्बर तक लोकमंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस आयोजन में व्यय हो रहे चार करोड़ की राशि ट्राईबल सब-प्लान की है. हम इसकी निंदा करते हैं.




