
Patna: राज्य के तीन जिलों में अफीम की चोरी-छुपे खेती हो रही है. इसे लेकर आर्थिक अपराध इकाई खास तौर पर इन जिलों पर नजर रख रही है. इन जिलों में गया, औरंगाबाद और जमुई शामिल है. माना जा रहा है कि औरंगाबाद और जमुई में अफीम की खेती काफी हद तक नियंत्रित हो रही है, परंतु गया के बाराचट्टी और धनगई इलाकों में अफीम की खेती जंगल से घिरे इलाकों में काफी देखी जाती है. इसे इस बार पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए कहा गया है.
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वर्ष 2019-20 में 470 एकड़, 2020-21 में 584 एकड़ और 2021-22 में 620 एकड़ अफीम की फसल खेतों में जाकर प्रशासन ने नष्ट की है. इस अभियान में सीआरपीएफ की भी खासतौर से मदद ली जाती है. अफीम की ये फसलें एकदम घने जंगल के बीच लगायी जाती हैं. गया के इन इलाकों में इसे नक्सली संरक्षण देते हैं. नक्सलियों की आर्थिक स्थिति को सहारा देने में अफीम की खेती की भूमिका बेहद अहम है. ऐसे में इन फसलों को नष्ट करने पर नक्सलियों की ओपियम इकोनॉमी भी नष्ट हो जाती है. इस बार पुलिस मुख्यालय के स्तर से अफीम की खेती पर पहले से ही चौकसी बरतने के लिए कहा गया है. ताकि इसकी शुरुआत ही नहीं हो पाये.
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