
Hazaribagh : सुरेश कॉलोनी के उत्कर्ष को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 55वां रैंक मिला है. उन्होंने न सिर्फ हजारीबाग, बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है. उनके पिता हजारीबाग के चूरचू ब्लॉक में जूनियर इंजनीयिर और माता सुषमा वर्णवाल जिला प्लस टू हाई स्कूल में शिक्षिका हैं. उनका छोटा भाई गया से इंजीनियरिंग कर रहा है. उत्कर्ष का आरंभिक शैक्षणिक करियर डीएवी पब्लिक स्कूल हजारीबाग से शुरू हुआ था. वह साइंस के स्टूडेंट रहे हैं.
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उन्होंने कोटा में आईआईटी में भी सर्वोच्च रैंक प्राप्त किया था. फिर दिल्ली बाजीराव से कोचिंग ली थी.बातचीत में उन्होंने बताया कि यह उनका दूसरा अटैंप्ट था. पहली परीक्षा में सफल नहीं होने पर आत्मविश्लेषण किया कि क्या कमी रह गई है और फिर उन कमजोरियों को दूर किया.
उन्होंने कहा कि मेहनत और समर्पण के साथ आत्मविश्लेषण करना जीवन में बहुत जरूरी है, तभी आप लक्ष्य भेद सकते हैं. इसी को जीवन का मूलमंत्र बनाकर दूसरी बार परीक्षा में शामिल हुए और बेहतरीन कामयाबी पायी. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और डीएवी के प्राचार्य अशोक कुमार के साथ उन सभी शिक्षकों और मित्र मंडली को दिया है, जिन्होंने हर पल उनका हौसला बढ़ाया.
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