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यूएनडीपी की रिपोर्ट : दस सालों में भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले

 NewDelhi : पिछले दस सालों में देश में लगभग 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये हैं. लेकिन अभी भी 36 करोड़ से ज़्यादा लोग किसी न किसी रूप में गरीबी की जद में हैं. यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करने वाली संस्था संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ग़रीबी के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवेलपमेंट इनिसिएटिव ने तैयार की है. रिपोर्ट कहती है कि पूर्व में 54.1 प्रतिशत आबादी गरीबी झेल रही थी. रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस सालों में 27.1 करोड़ लोग गरीबी के जीवन से बाहर निकल चुके हैं. हालांकि भारत में अभी भी 36.4 करोड़ लोग गरीबी की मार झेल रहे हैं.

गरीबी मापने के लिए कमाई के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और जीने का स्तर जैसे आयामों सहित पोषण, बाल मृत्यु दर, स्कूल में बिताया गया कुल समय, बिजली, स्वच्छता, पीने का पानी, घर और कुल सम्पति जैसे कसौटी का भी सहारा लिया गया.  बता दें कि रिपोर्ट में 104 सबसे पिछड़े देशों को शामिल किया गया. इन देशों की आबादी लगभग  5.5 अरब है जो दुनिया भर की कुल आबादी का 74 फ़ीसदी है.

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   हर चार में से एक बच्चा गरीबी में जी रहा है

10 साल से कम उम्र के हर चार में से एक बच्चा गरीबी में जी रहा है. रिपोर्ट कहती है कि भारत के आधे से ज़्यादा गरीब परम्परागत रूप से गरीब राज्य माने जाने वाले बिहार  झारखंड, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में हैं. इन राज़्यों में देश के 19.6 करोड़ गरीब लोग रहते हैं. हालांकि रिपोर्ट का सुखद  है कि पिछले कुछ सालों में इन राज्यों ने गरीबी निवारण की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है. झारखंड इस दिशा में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य बन गया है. बता दें कि दिल्ली, केरल और गोवा में गरीबों की संख्या सबसे कम है.

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मालदीव में  सबसे कम केवल 1.9 % लोग गरीब

यूएनडीपी के इंडिया निदेशक फ्रांकईंन पिकप के अनुसार गरीबी हटाने की दिशा में भारत द्वारा उठाये गये कदम  उत्साहवर्धक हैं. रिपोर्ट के अनुसार परम्परागत रूप से पिछड़े रहे वर्ग सबसे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. यह बात पीएम नरेंद्र मोदी में सबका साथ सबका विकास के नारे में भी परिलक्षित हो रही है. रिपोर्ट के अनुसार मालदीव में दक्षिण एशिया के सबसे कम केवल 1.9 % लोग गरीब हैं. पाकिस्तान (43.9 %), बांग्लादेश (41.1 %) और नेपाल (35.1%) के मुकाबले भारत में 27.5% लोग गरीब हैं

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