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हजारीबाग : दो युवकों ने लगाई फांसी, एक माइनिंग इंजीनियर तो दूसरा सिविल इंजीनियर

कहीं ना कहीं घटना का कारण हाय एंबिशन कहा जा सकता है.

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Hazaribagh : मंगलवार सुबह जिले के दो युवकों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. एक युवक ने पदमा थाना अंतर्गत पदमा जंगल में पेड़ में फांसी लगाई. तो दूसरे ने कोर्रा थाना अंतर्गत दीपू गड़ा अपने आवास पर ही आत्महत्या कर ली. सबसे अहम बात है कि जिन दोनों युवकों ने आत्महत्या की है दोनों इंजीनियर हैं. और दोनों की उम्र 24 साल के आसपास बताई जा रही है.

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माइनिंग इंजीनियर था प्रमोद कुमार

प्रमोद कुमार जिसके पिता का नाम दुर्गा प्रसाद है. वह देव चंदा पदमा का रहने वाला है. जो धनबाद से माइनिंग की डिग्री प्राप्त कर चुका था. उनके परिजन बताते हैं प्रमोद कुमार माइनिंग इंजीनियर था, और पिछले 4 दिनों से लापता था. सोमवार देर शाम युवक का शव पदमा के जंगल में पेड़ पर लटका मिला. आशंका लगाई जा रही है कि युवक ने आत्महत्या की है. पुलिस ने शव को जप्त कर हजारीबाग सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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सिविल इंजीनियर मृतक कुमार शिवम

वहीं दूसरा युवक जिसका नाम कुमार शिवम बताया जा रहा है. जिसकी उम्र 24 वर्ष है. इसके पिता का नाम हरि मुनीराम है. मृतक सिविल इंजीनियर था. जानकारी के अनुसार उनके पिता हरि मुनीराम झारखंड प्रशासनिक सेवा में उच्च पद पर कार्यरत हैं. जो हजारीबाग में एसडीओ लघु सिंचाई विभाग में कार्यरत है. मृतक कुमार शिवम घर पर अकेले था. उसके माता-पिता तीर्थ करने के लिए विंध्याचल गए हुए थे. वहीं मृतक का भाई मुंबई में सिविल इंजीनियर के रूप में अपनी सेवा दे रहा है. कोर्रा पुलिस ने मृतक कुमार शिवम का शव हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दिया है. जहां उसका पोस्टमार्टम होना है. घटना के बाद दोनों परिवार काफी परेशान और अचंभित है.

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आत्महत्या का कारण हाय एंबिशन : मुर्दा कल्याण समिति

परिजनों कहना है कि दोनों युवक का व्यवहार काफी अच्छा था. लेकिन ऐसी क्या घटना घटी कि दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वहीं घटना के बाद हजारीबाग मुर्दा कल्याण समिति ने शव को हिफाजत से रखा है. और उन्होंने बताया यह बहुत दुख की बात है कि हजारीबाग में इस तरह की घटनाएं घट रही है. जहां पढ़े-लिखे नौजवान युवक भी आत्महत्या कर रहे हैं. यह एक सोचने वाली बात है. हर परिवार के अभिभावकों को इस बिंदु पर विचार करने की भी जरूरत है. कहीं ना कहीं घटना का कारण हाय एंबिशन कहा जा सकता है.

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