DhanbadJharkhand

कोल नगरी धनबाद में चरमरायी बिजली व्यवस्था, आंदोलनरत हैं शहरवासी

Dhanbad: पुरे देश को बिजली देने वाली कोयला राजधानी धनबाद वर्तमान में खुद अंधेरे का दंश झेल रहा है. पिछले कई दिनों से धनबाद में बिजली की स्थिति चरमराई हुई है. जिससे पुरे धनबाद में लोगों का गुस्सा उफान पर है और जगह जगह विरोध होने भी लगा है. कहीं काला बिल्ला लगाकर, कहीं कैंडल मार्च निकाल कर तो कहीं बिजली जीएम को लालटेन देकर विरोध जताया जा रहा है. अगर हाल ऐसा ही रहा तो यह कहना गलत नहीं होगा की कुछ ही दिनों में धनबाद में लालटेन युग आ जाएगा.

इसे भी पढ़ें: अपराधियों का शहर बना राजधानी, 15 दिनों के अंदर तीन हत्याएं

गुस्से में है कोल नगरी  के लोग 

धनबाद जिले में बिजली की खस्ताहाली पर शहरवासियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. पर्व त्यौहार के दिन में भी लोग हर दिन  धनबाद बिजली आपूर्ति महाप्रबन्धक कार्यालय पहुंचकर महाप्रबन्धक को धनबाद में बिजली की लचर व्यवस्था से अवगत कराते है. जिसपर महाप्रबंधक ने जनप्रतिनिधि  मंडल को यह आश्वासन दिया की सप्ताह भर के अंदर सभी समस्याओं निराकरण कर लिया जाएगा. लेकिन आज 15 दिन बीत जाने के बावजूद बिजली का वही हाल है.

इसे भी पढ़ें: बोकारो में फर्जी कंपनी और श्रम नियोजन विभाग ने बेरोजगारों को ठगने के लिए निकाला विज्ञापन

8 से 10 घंटे ही मिल पाती है बिजली

धनबाद  शहर और आसपास के क्षेत्रों में ठीक से 8-10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है. हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन धनबाद के जनप्रतिनिधियों को धनबाद के लोगों की परवाह ही नहीं है. यहां के सांसद और विधायक कुंभकरणी नींद में हैं. बिजली विभाग के अफसर जनता की बात नहीं सुन रहे हैं. वे उपभोक्ताओं का फोन तक नहीं उठाते हैं.

राजनीतिक पार्टियां लगातार कर रही है आंदोलन

बिजली की लचर व्यवस्था के खिलाफ राजनीतिक पार्टियों द्वारा लगातार आंदोलन का दौर जारी है. जिसमें जिले के तमाम दल भाग लेकर तरह-तरह से प्रदर्शन कर रहे है.

इसे भी पढ़ें: सुनिए मैं धनबाद बोल रहा हूं…मैं बेहद दुखी हूं…

चैंबर के लोगो ने फूंक पुतला

बिजली की इस बदहाल स्थित के कारण व्यवसायियों के व्यवसाय पर भी खासा असर पड़ रहा है. धनबाद के बैंकमोड़ स्थित लोक नायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के नजदीक चैंबर अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा की अगुआई में बिजली विभाग और डीवीसी का पुतला भी फूंका गया और जमकर नारेबाजी की गई थी. वहीं व्यापारियो ने इसके विरोध में दोपहर तक अपने प्रतिष्ठानो को भी बंद रखा. चैंबर अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि कोयलांचल में बिजली की ऐसी हालत देख लगता है, हम आज से 30 वर्ष पहले के धनबाद में रह रहे हैं. 24 घंटे में मात्र 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है. उसमे भी बिजली की आंखमिचौली जारी रहती है.

इसे भी पढ़ेंः मगध कोलियरीः साइडिंग के बदले अवैध डिपो में कोयला जमा कर रही ट्रांसपोर्ट कंपनियां

खोखला साबित हुआ रघुवर सरकार का वादा

चैंबर अध्यक्ष ने रघुवर सरकार को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने 2018 तक हर घर बिजली  देने का वादा दिया था. 2018 बीतने में अब चंद महीने ही शेष रह गए है. लेकिन सरकार का हर घर बिजली देने का वादा तो छोड़िए जिस घर को बिजली मिल रही थी, अब वो भी बिजली आने के इंतजार में रोजाना टकटकी बांधे बिजली के बल्ब को निहारते रहते है.

इसे भी पढ़ें – कभी झामुमो सुप्रीमो शिबू के सिर्फ इशारे पर हो जाता था आंदोलन, आज कार्यकर्ताओं से करनी पड़ रही है अपील

अंधेरे का दंश झेल रहा है धनबाद : जीएम 

बिजली की लचर व्यवस्था पर धनबाद के बिजली जीएम ने स्वीकारते हुए कहा कि धनबाद आज अंधेरे का दंश झेल रहा है और वहीं डीवीसी की मनमानी पर आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार डीवीसी बिजली देने में अनाकानी कर रही है. जिसके कारण धनबाद को बिजली आपूर्ति में परेशानी हो रही है.

Related Articles

Back to top button