Education & CareerJharkhandRanchi

प्रोन्नति और सीधी नियुक्ति के माध्यम से मिडिल स्कूलों में तीन हजार प्रिंसिपल्स की होगी नियुक्ति

  • प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने मांगा ब्योरा

Ranchi: राज्य के मीडिल स्कूलों में प्रिंसिपल्स की कमी अब दूर होगी. बिना प्रिंसिपल के चल रहे 95 फीसदी से अधिक स्कूलों को प्रिंसिपल मिले, इसे लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने कवायद शुरू कर दी है.

निदेशालय की ओर से सभी जिलों को पत्र लिखकर विस्तृत ब्योरा मांगा गया है. निदेशालय की ओर से आधे सीट पर प्रोन्नति और आधे खाली पद को सीधी नियुक्ति से भरा जायेगा. जिलों से कार्यरत प्रधानाध्यापकों, उनके खाली पद और प्रोन्नति पाने वाले शिक्षकों की लिस्ट जिलों से मांगी गयी है.

इसे भी पढ़ें – 1349 नये कोरोना संक्रमित मिले, 4 की मौत, राज्य में 76438 पॉजिटिव केस

स्वीकृत, कार्यरत और खाली पदों का मांगा है ब्योरा

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जिलों से जो रिपोर्ट मांगी गयी है उसमें ग्रेड 4 में भाषा, कला और विज्ञान विषय के शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए स्वीकृत पद और कार्यरत शिक्षकों की जानकारी मांगी गयी है. वहीं सीधी नियुक्ति के लिए स्वीकृत पद, कार्यरत और खाली पदों की संख्या की मांग की गयी है.

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने जिलों से प्रधानाध्यापकों के स्वीकृत, कार्यरत और खाली पदों की जानकारी जिलों से मांगी है. जिलों से रिपोर्ट आने के बाद सरकार प्रोन्नति संबंधी मामलों का निपटारा करेगी और प्रधानाध्यापकों के खाली पदों पर नियुक्ति हो सकेगी.

150 से भी कम है प्रिंसिपल्स

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक राज्य में मीडिल स्कूलों में 150 से भी कम स्कूलों में प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं. सूत्रों की मानें तो मिडिल स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की संख्या 100 से भी कम है. बाकी स्कूल प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे ही चल रहे हैं.

सालों से शिक्षकों का प्रमोशन नहीं होने पर प्रधानाध्यापकों के पद खाली हैं. लोहरदगा, साहिबगंज, चतरा, सरायकेला-खरसावां, हजारीबाग, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, पाकुड़ और रामगढ़ में एक भी प्रधानाध्यापक नहीं है. वहीं धनबाद, खूंटी व सिमडेगा में एक-एक प्रधानाध्यापक ही कार्यरत हैं.

adv

इसे भी पढ़ें – Palamu : बिहार बार्डर पर बड़ी कार्रवाई, मुखिया के भूसा गोदाम से सैकड़ों पेटी शराब, एफसीआइ का चावल बरामद

जिला में प्रिंसिपल्स के कार्यरत व रिक्त पद

जिला  कार्यरत  रिक्त
लोहरदगा  00  74
धनबाद  01  236
गढ़वा  08  137
गुमला  05 113
साहिबगंज  00  87
रांची  07  292
चतरा  00  81
सरायकेला खरसावां 00  103
खूंटी  01  64
सिमडेगा  01  80
जामताड़ा  05  79
हजारीबाग  00 124
दुमका  19  134
कोडरमा  00  53
गोड्डा  28  148
गिरिडीह 06 164
बोकारो 10  106
पूर्वी सिंहभूम  02 193
पश्चिमी सिंहभूम  00  160
पलामू  43  179
लातेहार  12 108
देवघर  12  125
पाकुड़  00  73
रामगढ़  00  53

इसे भी पढ़ें – छठी जेपीएससी में सफल अभ्यर्थियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, हाइकोर्ट ने दिया प्रतिवादी बनाने का निर्देश

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button