Bhul Gai Sarkar

तीन ईएसआइ अस्पताल को बनाना था सुपर स्पेशियलिटी, एक भी नहीं बना

Ranchi : झारखंड में बहुमत की सरकार है. सरकार के मुखिया को इसका गुमान भी है. अक्सर कहते हैं कि हमने हर क्षेत्र में बहुत काम किया. झारखंड में ‘सबका साथ और सबका विकास’ हो रहा है. नेता-अधिकारी घोषणा कर, आदेश देकर हमें सपने दिखा जाते हैं. काम हुआ या नहीं, यह पूछने वाला कोई नहीं. इसे परखने के लिए न्यूज विंग ने “घोषणा करके भूल गयी सरकार” नाम से एक सीरीज शुरू की है. आज हम सरकार के तीनों साल में 30 सितंबर को सरकार द्वारा किये गये वादों और दिये गये आदेशों-निर्देशों पर बात करेंगे.

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30 सितंबर 2015 को केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय राजधानी पहुंचे थे. रांची के नामकुम स्थित ईएसआइ अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने जो घोषणाएं कीं उनसे लगा कि राज्य में छोटी-मोटी नौकरियां करनेवालों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का काफी हद तक निवारण हो जायेगा. उन्होंने घोषणा की थी कि राज्य के तीन ईएसआइ अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जायेगा. कैंसर तक के इलाज की व्यवस्था करने की बात कही थी.

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इनमें नामकुम, आदित्यपुर और कोडरमा के ईएसआइ अस्पताल शामिल थे. उन्होंने कहा था कि इन अस्पतालों में 50 बेड की जगह 100 बेड लगवाये जायेंगे. इसके अलावा उन्होंने कहा था कि जमीन की व्यवस्था हो जाती है तो श्रम विभाग के सारे कार्यालय की अपनी बिल्डिंग होगी. साथ ही अस्पतालों में नये कर्मचारियों की नियुक्ति का भी उन्होंने निर्देश दिया था. घोषणाएं करके बंडारू दत्तात्रेय चले गये, और सारी चीजें ठंडे बस्ते में डाल दी गयीं. ईएसआइ अस्पताल सुपर स्पेशियिलटी तो छोड़िये साधारण बीमारियों के इलाज लायक भी नहीं. सच तो यह है कि वहां लोग सिर्फ रेफर कराने के लिए भर्ती होते हैं. वहां से रेफर करा कर दूसरे अस्पतालों में इलाज कराते हैं. अब तक किसी कार्यालय को नया भवन नसीब हुआ हो ऐसी जानकारी भी नहीं है. न ही कसी विभाग में नियुक्तियां ही हुई हैं. तीन साल हो गये स्थित जस की तस है.

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