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डीसी साहब! इस वीडियो को देखने के बाद भी कहेंगे कि पाकुड़ में नहीं हो रहा है अवैध बालू उठाव

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Ranchi/Pakur: मीडिया लगातार कह रहा है कि पाकुड़ में प्रशासन के संरक्षण में अवैध बालू का कारोबार फल-फूल रहा है. प्रशासन लगातार इन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर रहा है. ‘न्यूज विंग’ की खबर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप में पाकुड़ के डीडीसी रामनिवास यादव ने लिखा है कि पाकुड़ में किसी तरह का कोई अवैध कारोबार नहीं हो रहा है. लेकिन, ‘न्यूज विंग’ आपको वो तस्वीर दिखाने जा रहा है जिससे प्रशासन की सारी दलील धरी की धरी रह जाएगी. यह तस्वीर पाकुड़ के महेशपुर प्रखंड की है. जहां सुबह होते ही नदी से अवैध बालू का उठाव जारी है. हालांकि एक दिन पहले प्रशासन ने महेशपुर के एक घाट पर औपचारिक रूप से दबिश देकर अवैध बालू उठाव को रुकवा दिया था. लेकिन, इस काम के लिए प्रशासन कितना गंभीर है. नीचे लगा वीडियो साफ बयां कर रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद कोई नहीं कह सकता है कि पाकुड़ में अवैध बालू का कारोबार नहीं हो रहा है. फिर से एक बार ‘न्यूज विंग’ पुख्ता तौर पर कह रहा है कि पाकुड़ से रोजाना बालू से भरे करीब 200 वाहन बांग्लादेश जा रहे हैं. बालू तस्कर हर महीना करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं और पाकुड़ के डीसी बालू कारोबारियों को ऐसा करने की खुली छूट दे रहे हैं.

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देखिए 29 तारीख को हो रहा अवैध बालू उठाव

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स्वच्छ भारत के नाम पर नदी से बालू साफ

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पूरे देश में बालू को लेकर एक कानून चल रहा है. MOEF (Ministry of Environment & Forests) के नियमों के मुताबिक, मॉनसून तक किसी भी नदी एरिया में 15 अक्टूबर तक बालू का उठाव बंद है. निर्माण कार्य में उसी बालू का इस्तेमाल हो सकता है, जो कहीं स्टॉक है. उसके लिए भी लाइसेंस का होना जरूरी है. लेकिन, इन सारे नियमों को पाकुड़ में ताक पर रख कर काम किया जा रहा है. इसी नियम का फायदा उठा कर पाकुड़ में बालू का खेल जोरों पर है. सुबह होते ही महेशपुर प्रखंड के बांसलोई नदी से बालू का उठाव धड़ल्ले से शुरू हो जा रहा है. जो रात तक होता रहता है.

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ब्लॉक लेवल से लेकर पाकुड़ समाहरणालय तक सारी चीजें सेट

यह MOEF के नियमों की सीधे तौर पर अनदेखी है. लेकिन इस बात से पाकुड़ प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता है. ब्लॉक लेवल से लेकर पाकुड़ समाहरणालय तक सारी चीजें सेट हैं. बालू आराम से लोड होकर बिना किसी रोक-टोक के बांग्लादेश पहुंच जा रही है. हालांकि, खनन विभाग के किसी भी वाहन की जांच की इजाजत पुलिस को नहीं है. लेकिन जहां तक MOEF कानून की बात है, पुलिस को पावर है कि वो बालू से लदे वाहनों की जांच करे. पुलिस ने ऐसा करना शुरू भी किया. लेकिन, पाकुड़ प्रशासन ने बड़ी ही चालाकी से पुलिस के हाथ-पैर बांध दिए. एसडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस पदाधिकारियों को साफ कहा गया कि वो बालू के लदे किसी भी वाहन की जांच कतई नहीं करेंगे. क्योंकि बालू स्टॉक एरिया से उठकर शौचालय निर्माण स्थल पर जा रही है. डीसी का हवाला देते हुए, एसडीएम ने यह सरकारी फरमान पुलिस पदाधिकारियों को सुना दिया. इसके बाद से पुलिस के सामने नदी से लाद कर बालू सीमा पार पहुंचायी जा रही है. और प्रशासन लोगों को कहते फिर रहा है कि मोदी जी का स्वच्छ भारत का सपना साकार हो रहा है.

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