
Ranchi: सरकारी सिस्टम की मार हमेशा से गरीब झेलते रहे हैं. किसी काम को लेकर गरीब लगातार किसी अधिकारी के यहां दिनभर भटकते रहते हैं, नतीजा वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति हो जाती है. कुछ ऐसी ही स्थिति बीमार सोनी देवी की भी है. सोनी काफी बीमार है और उसके पास इलाज के पैसे नहीं है. सोनी के गले में संक्रमण है. वो समाहरणालय में अपने किसी परिचित के साथ कार्यालय में भटक रही है. उसके पास पीला राशन कार्ड है लेकिन उस कार्ड में उसके पिता का नाम नहीं है.
सदर अस्पताल में इलाज के लिये आयुष्मान कार्ड बनाने के लिये राशन कार्ड की आवश्यकता है. लेकिन राशन कार्ड में पिता का नाम नहीं होने की वजह से उसका आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है. जिसकी वजह से सोनी का इलाज नहीं हो पा रहा है. वह अपने इलाज के लिए अपने पिता के राशन कार्ड में नाम दर्ज कराने को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. इनका नाम राशन कार्ड में दर्ज नहीं रहना भी खाद्य आपूर्ति विभाग की घोर लापरवाही है. कार्डधारी सोनी का कार्ड संख्या 202004948807 है. सोनी कांठीटांड़ की रहनेवाली है.
क्या कहती है सोनीः
गले का इलाज कराना है. डॉक्टर ने कई तरह के जांच के लिये लिखा है. लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से जांच भी नहीं करा पा रहे हैं.




