
NewDelhi : भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने इंडिया बुल्स ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए एक लाख करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है. स्वामी ने इस संबंध में पीएम मोदी को एक पत्र लिखा है. अपने पत्र में सुब्रमण्यन स्वामी ने आरोप लगाया है कि एक लाख करोड़ रुपए का घोटाला पी चिदंबरम और भूपिंदर सिंह हुड्डा समेत कई कांग्रेसी नेताओं के संरक्षण में हुआ. भाजपा नेता स्वामी ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है. एसआईटी में सीबीआई, ईडी, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन ऑफिस और आयकर विभाग के अधिकारियों को शामिल करने की मांग की है.
सुब्रमण्यन स्वामी के अनुसार, एक लाख करोड़ रुपए का घोटाला मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए किया गया. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में स्वामी ने कहा है कि विश्वस्त सूत्रों और कुछ उपलब्ध दस्तावेजों की जांच से पता चला है कि इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, जो इन दिनों दिवालियापन की तरफ बढ़ रही है, उसके प्रमोटर समीर गहलोत ने कांग्रेसी नेताओं के सहयोग और संरक्षण से रियल एस्टेट, बैंकिंग और स्टॉक मार्केट में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया. इस क्रम में एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला किया.
100 से ज्यादा शैल कंपनियां बना कर लोन लिया
सुब्रमण्यन स्वामी के अनुसार इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने 100 से ज्यादा शैल कंपनियां बना कर नेशनल हाउसिंग बैंक से महाराष्ट्र, दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरू और चेन्नई में बड़ी मात्रा में लोन लिया. पत्र के अनुसार, यह लोन 30 करोड़ रुपए से लेकर 1000 करोड़ रुपए तक था. इंडिया बुल्स ने इन रुपयों को अन्य रियल एस्टेट फर्म में लगाया और फिर इस पैसे को वापस निवेश की रकम के तौर पर हासिल किया. स्वामी का आरोप है कि यह घोटाला मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए हुआ. सुब्रमण्यन स्वामी ने पत्र में इंडिया बुल्स द्वारा टीडीएस नियमों का उल्लंघन किये जाने की बात कही है, जिसकी जानकारी साल 2016 में वित्त मंत्रालय को भी दी गयी थी, लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री ने अस्पष्ट कारणों से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. पत्र में इंडिया बुल्स के मालिक समीर गहलोत और अन्य लोगों के देश छोड़कर जाने पर रोक लगाने की मांग की है.
इंडिया बुल्स ग्रुप के शेयरों की कीमत में गिरावट
सुब्रमण्यन स्वामी का यह पत्र सामने आने के बाद मनी कंट्रोल की एक खबर के अनुसार, इंडिया बुल्स ग्रुप के शेयरों की कीमत में गिरावट आयी है. कंपनी के शेयर 5-10% तक गिर गये हैं. इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और इंडिया बुल्स वेंचर के शेयर 10% तक गिर गये हैं. इंडिया बुल्स रियल एस्टेट के शेयर 8.5% और इंडिया बुल्स इंटीग्रेटेड सर्विस के शेयर 5% तक गिर गये. इसी बीच कंपनी ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है और कहा है कि कंपनी ने नेशनल हाउसिंग बैंक से कोई लोन या फाइनेंस की सुविधा नहीं ली है. कंपनी द्वारा लिया गया कुल लोन लगभग 87 हजार करोड़ रुपए है.
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