
Ranchi: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (राँची कॉलेज), राँची के आदिवासी छात्र संघ द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन बंदी का आह्वान सोमवार को किया गया. यह निर्णय विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं, प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में छात्रहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया. इस दौरान संघ के सदस्यों ने विभिन्न विभागों एवं कक्षाओं में जाकर पढाई भी बाधित कर दी. इसके बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ नमिता सिंह और प्रॉक्टर डॉ राजेश कुमार से वार्ता की. वार्ता विफल रहने पर संघ ने यूनिवर्सिटी के सभी मेन गेट पर तालाबंदी कर दी. इसके बाद डीएसपीएमयू इकाई के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने स्टूडेंट्स के बीच कहा कि आदिवासी छात्र संघ की 6 प्रमुख माँग है. डीएसपीएमयू के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग सहित अन्य विभागों में शिक्षकों की भारी कमी को अविलंब पूरा किया जाए.जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के सभी विषयों के लिए उपयुक्त कक्षाओं की व्यवस्था तथा कक्षाओं में मूलभूत सुविधाएँ प्रदान की जाए.विश्वविद्यालय के सभी विभागों में शौचालयों की नियमित सफाई तथा उचित मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित की जाए. अखड़ा परिसर में मंच और शेड के निर्माण कार्य को अविलंब पूर्ण किया जाए. क्षेत्रीय भाषा विभाग के लिए एक नया भवन शीघ्रातिशीघ्र निर्मित कराया जाए. विश्वविद्यालय का नामकरण झारखंडी महानायक एवं स्वतंत्रता सेनानी वीर बुधु भगत के नाम पर किया जाए.
आदिवासी छात्र संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक जरूरी माँगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन बंदी जारी रहेगा. इस दौरान आदिवासी छात्र संघ की उपाध्यक्ष दीपा कच्छप. सचिव अमित टोप्पो सहित अन्य की भी उपस्थिति रही.



