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जून में आठ नगर निकायों का कार्यकाल हो रहा है समाप्त, चुनाव नहीं होने पर प्रशासकों की हो सकती है तैनाती

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Ranchi:  इस बार तय समय पर नगर निकाय के चुनाव नहीं संपन्न होंगे. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कोरोना के मद्देनजर चुनाव टालने की घोषणा की जा चुकी है. झारखंड के आठ शहरों में नगर निकाय के लिए जून में निर्वाचन होना था. चुनाव टलने के कारण आठ शहरों की निकायों का भंग होना संभव है.

धनबाद,  देवघर, चास और चक्रधरपुर नगर निकायों के कार्यकाल जून में समाप्त होने वाले हैं. इसी कतार में कोडरमा,  झुमरी तिलैया, विश्रामपुर और मझियांव नगर परिषद बोर्ड भी भंग हो सकते हैं.

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उपरोक्त सभी नगर निगम एवं नगर परिषद बोर्ड का कार्यकाल 31 मई से लेकर 29 जून के बीच समाप्त हो रहा है. इसके बाद इन नगर निकायों को अस्तित्व में बने रहने का अधिकार भारतीय संविधान की धारा 243 यू नहीं देती है.

संविधान निर्वाचन के पांच साल तक ही पद पर बने रहने की इजाजत देता है. इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासक की तैनाती की जा सकती है. अब यह मामला पूरी तरह से राज्य सरकार के पाले में है.

ऐसी स्थिति में राज्य सरकार महाधिवक्ता की राय के आधार पर कदम उठा सकती है. राज्य निर्वाचन आयुक्त और नगर विकास सचिव की राय भी इसमें अहम होगी.

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इन निकायों में पहली बार होने हैं चुनाव

सूबे में 14 नगर निकाय के चुनाव होने थे. इनमे से गोमिया, बड़की सरेया, धनवार, हरिहरगंज, बचरा और महागामा में पहले चुनाव नहीं हुए थे. यहां पहली बार नगर निकाय का चुनाव होना था. दो साल के भीतर इनका गठन हुआ था. प्राप्त सूचना के अनुसार जहां पहली बार नगर निकाय के चुनाव होने थे, अभी वहां पंचायत व्यवस्था ही बहाल है.

क्या कहते हैं संयुक्त निर्वाचन आयुक्त दिलीप कुमार टोप्पो

राज्य निर्वाचन आयोग के संयुक्त निर्वाचन आयुक्त दिलीप कुमार टोप्पो ने न्यूजविंग से कहा कि वर्तमान समय में चुनाव नहीं कराये जा सकते हैं. हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी पुख्ता है.

लेकिन कोरोना संकट के कारण अब लॉकडाउन की समीक्षा की जायेगी. विधि परामर्श लेकर चुनाव को दो महीने के लिए टाला जा सकता है. इस संबध में सुप्रीस कोर्ट के भी जजमेंट को देखा जा सकता है.

दूसरे विकल्प क्या हैं

संविधान प्रदत्त व्यवस्था के तहत पांच साल इजाजत नहीं देने का प्रावधान है. इसके बावजूद सरकार विशेष परिस्थिति को देखते हुए बोर्ड भंग कर मेयर या चेयरमैन को कार्यवाहक के रूप में नीतिगत फैसलों की इजाजत दिए बिना प्रबंधन संभालने के लिए कह सकती है. यह महाधिवक्ता की राय पर निर्भर करेगा.

जहां चुनाव होने हैं, वहां कौन हैं पद पर और किस दल के समर्थक हैं

पिछला चुनाव दलगत आधार पर नहीं हुआ था. लेकिन कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों को पार्टी विशेष का समर्थन होने से इनकार नही किया जा सकता.

कब किसका कार्य काल खत्म हो रहा है-

निकाय प्रमुख पार्टी समर्थक समय.सीमा
धनबाद चंद्रशेखर अग्रवाल भाजपा 18 जून
चास भोलू पासवान भाजपा 28 जून
देवघर रीता राज खवाड़े स्पष्ट नहीं 18 जून
कोडरमा शांति देवी भाजपा 31 मई
झुमरी तिलैया प्रकाश राम भाजपा 26 जून
चक्रधरपुर कृष्णदेव साह कांग्रेस 29 जून
विश्रामपुर हलीमा बीब राजद 29 जून
मझियांव सुमित्रा देवी तय नहीं 25 जून

 

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