
Ranchi : राज्य की हेमंत सरकार आम लोगों को निःशुल्क वाटर कनेक्शन व 5 हजार लीटर शुद्ध पेयजल फ्री देने की बात कर गुमराह कर रही है. जबकि हकीकत कुछ और ही है. शुक्रवार को ये बातें मेयर डॉ आशा लकड़ा ने कहीं. उन्होंने कहा कि सरकार जल कर की नयी नीति के तहत एकपक्षीय बात कर रही है. नयी नीति के तहत सिर्फ BPL परिवार को उन क्षेत्रों में वाटर कनेक्शन निःशुल्क दिये गये हैं, जहां अमृत योजना के तहत नये सिरे से पाइपलाइन बिछायी गयी है.
अमृत योजना केंद्र सरकार की योजना है और डीपीआर में ही यह प्रावधान किया गया है. फिर भी राज्य सरकार केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना पर वाहवाही बटोर रही है.
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सरकार हर बिंदु को स्पष्ट करे
राज्य सरकार को नयी जल कर नीति के एक-एक बिंदु को स्पष्ट करना चाहिए. निःशुल्क वाटर कनेक्शन देने की घोषणा पर भी स्पष्ट करना चाहिए कि रांची नगर निगम क्षेत्र में पुराने पाइपलाइन से वाटर कनेक्शन लेनेवाले के लिए जल कर की नयी नीति में क्या प्रावधान किये गये हैं.
यदि पुरानी व नयी पाइपलाइन से उपभोक्ताओं को वाटर कनेक्शन निःशुल्क दिये जायेंगे तो सरकार जल्द इसकी घोषणा करे. अन्यथा जल कर की नयी नीति को वापस ले.
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सरकार की घोषणा पर मेयर का जवाब
1. आरएमसी क्षेत्र के 10.30 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा. नगर विकास द्वारा अधिसूचित जल कर की नयी दर से नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि पहले से कम राशि देनी पड़ेगी.
जवाब : जल कर की नयी नियमावली के तहत मात्र 5 हजार लीटर शुद्ध पेयजल ही निःशुल्क है. 9 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से प्रतिमाह मात्र 45 रुपये का ही लाभ मिलेगा. क्या 45 रुपये की छूट से किसी परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो जायेगी.
2. अधिसूचित दर के तहत प्रथम 5 हजार लीटर पेयजल के लिए कोई राशि नहीं ली जायेगी. यह पूरी तरह मुफ्त होगी.
जवाब : क्या 5 हजार लीटर शुद्ध पेयजल से किसी परिवार की आवश्यकता पूरी हो जायेगी. सरकार को बताना चाहिए कि वर्तमान में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कितने लीटर पेयजल की आवश्यकता है. इतने से किसी परिवार के एक व्यक्ति की मासिक पेयजल की आवश्यकता भी पूरी नहीं हो सकती.
3. रांची नगर निगम क्षेत्र में 1,93,932 आवासों का होल्डिंग नम्बर है. रांची में क्रियान्वित की जा रही पेयजलापूर्ति योजनाओं से सभी आवासों को पेयजल कनेक्शन दिया जाना है.
जवाब : वर्तमान में उपलब्ध होल्डिंग नम्बर की संख्या से यह स्पष्ट है कि संबंधित आवास 53 वार्डों में हैं. ये आवास वैसे क्षेत्रों में हैं, जहां पूर्व से पाइपलाइन की सुविधा है या वर्तमान में संबंधित क्षेत्रों में अमृत योजना के तहत नये सिरे से पाइपलाइन बिछायी जा चुकी हैं या बिछायी जा रही हैं. ऐसे में जो आवास पूर्व में बिछायी गयी पाइपलाइन से संबंधित क्षेत्र में है, क्या उन्हें भी वाटर कनेक्शन निःशुल्क मिलेगा. यदि नहीं तो उन्हें वाटर कनेक्शन के लिए कितनी राशि का भुगतान करना होगा, इसे स्पष्ट करना चाहिए.
4. अमृत योजना के तहत भविष्य में 2.56 लाख कनेक्शन मुफ्त दिये जाने का प्रावधान है. वर्तमान में 67 हजार आवासों को पेयजल वितरण प्रणाली से वाटर कनेक्शन दिया जाना है, शेष 1.89 लाख आवासों को क्रियान्वित हो रही नयी योजना से वाटर कनेक्शन दिया जायेगा.
जवाब : राज्य सरकार के आंकड़े के अनुसार, 2.56 लाख वाटर कनेक्शन सिर्फ बीपीएल परिवार के लिए हैं या इनमें एपीएल परिवार भी शामिल हैं. जहां तक मुझे जानकारी है राज्य सरकार की नयी जल कर नीति में एपीएल परिवार को नयी व पुरानी पाइपलाइन से वाटर कनेक्शन लेने के लिए आवास के वर्गीकरण (क्षेत्रफल के आधार पर) के तहत न्यूनतम 7,000/- से लेकर अधिकतम 42,000/- रुपये तक का भुगतान करना होगा और व्यासायिक को 26 रुपये, प्रति स्क्वायर फीट भुगतान करना होगा. जबकि जल कर की पुरानी नियमावली में वाटर शुल्क मात्र 5,00/- रुपये ही निर्धारित थी. सरकार ने जल कर की नयी नियमावली में वाटर कनेक्शन शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है. सरकार एपीएल परिवार के लिए वाटर कनेक्शन शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि की घोषणा करने से परहेज कर रही है.
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