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प्रेम-प्रसंग में भाजपा कार्यकर्ता व बेटी की हत्या, तीन गिरफ्तार!

Daltonganj: पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर में बुधवार की शाम भाजपा कार्यकर्ता सुरेन्द्र गुप्ता और उनकी बेटी की हत्या हुई थी. जानकारी के अनुसार हत्‍या की घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए चैनपुर पुलिस ने गढ़वा पुलिस की मदद से मुख्य आरोपी सहित तीन को गिरफ्तार किया है. पुलिस कार्रवाई में आरोपियों के पास से कुछ हथियार भी मिलने की सूचना है. हालांकि पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है.

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कब हुई थी घटना

बुधवार की शाम को शाहपुर कर्बला के समीप उनके घर पर सुरेन्द्र गुप्ता और उनकी बेटी शिल्पा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. अपराधियों की संख्या चार थी. हालांकि घटना के बाद पिता-पुत्री को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान सुरेन्द्र गुप्ता और रांची ले जाने के दौरान उनकी बेटी की मौत हो गयी.

घटना के बाद रात में पुलिस सक्रिय हुई और गढ़वा पुलिस के सहयोग से दो लोगों को हिरासत में लिया गया. बाद में छापामारी कर मुख्य आरोपी राहुल पासवान को भी गिरफ्तार कर लिया गया. एक संदिग्ध को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. राहुल ने पुलिस के सामने कई खुलासे किये हैं.

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क्या है मामला? 

राहुल सुरेन्द्र गुप्ता की बेटी शिल्पी का प्रेमी बताया गया है. दोनों के प्रेम संबंध की जानकारी परिजनों को थी. शादी के सिलसिले में दोनों अपने घर से कुछ दिन पूर्व भाग गए थे. हालांकि लड़की पक्ष से राहुल पासवान को यह आश्वस्त किया गया था कि उसकी शादी शिल्पा से करा दी जायेगी. लेकिन, इधर हाल के दिनों सुरेन्द्र अपने किए वादे से मुकर गये. नतीजा यह हुआ कि प्रेम प्रसंग का यह मामला हत्या की घटना में तब्दील हो गया. राहुल और उसके साथियों ने सुरेन्द्र के साथ-साथ शिल्पा की हत्या क्यों की,  पुलिस इसकी भी जांच कर रही है.

गढ़वा के निवासी थे सुरेन्द्र

सुरेन्द्र गुप्ता गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड अंतर्गत के रहने वाले थे, जबकि राहुल भी गढ़वा का रहने वाला है. राहुल और शिल्पी के बीच प्रेम प्रसंग था, जिसे गुप्ता परिवार पसंद नहीं कर करता था. राहुल ड्राइवर का काम करता था. सुरेन्द्र गुप्ता का ड्राइवर राहुल का दोस्त था और वही सभी के लोकेशन की जानकारी देता था.

डेढ़ महीने पहले भी हुई थी घटना

सुरेन्द्र गुप्ता ने करीब डेढ़ महीना पहले पलामू पुलिस को सूचना दी थी कि उनके चैनपुर स्थित घर में डकैती का प्रयास किया गया है, जबकि राहुल ने ही घर में आकर धमकी दी थी. लोक लाज के डर से सुरेन्द्र गुप्ता ने पूरी बात को छुपाई थी. हत्या के बाद पूरे मामले का खुलासा हो रहा है.

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