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धनबाद जेल की सुरक्षा प्रशासन के लिए चुनौती, गैंग्स के मुलाकातियों पर पुलिस की नजर

जेल में बंद विधायक संजीव सिंह की सुरक्षा और सख्त

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Dhanbad: धनबाद जेल प्रबंधन की इन दिनों नींद उड़ी हुई है. जेल सुरक्षा को लेकर उठते सवालों के बीच, प्रशासन के लिए ये बड़ी चुनौती भी है. दरअसल, हाल ही में रंजीत सिंह हत्याकांड के खुलासा में ये बात सामने आयी थी कि हत्या की साजिश जेल की चहर दीवारी के भीतर ही रची गयी थी और गैंग्स के लोगों का इस हत्या में हाथ है.

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इस घटना से पूरे जेल में हड़कंप मचा हुआ है. वही जेल प्रशासन भी सकते में नज़र आ रहा है. अब धनबाद जेल प्रशासन पर एक और बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. गौरतलब है कि पिछले दिनों हुए रंजीत सिंह हत्याकांड में जेल में आए चारों कैदियों को गैंग से अलग वार्ड में शिफ्ट किया गया है. गैंग्स की आपराधिक हरकतों के कारण उन लोगों को एक वार्ड में नहीं रखा जा रहा है.

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इससे पहले से ही गैंग्स ऑफ वासेपुर के गोपी एंड ब्रदर्स के साथ फहीम खान का बेटा इकबाल भी बंद है. साथ ही विधायक संजीव सिंह समेत उनके कई कार्यकर्ता भी बंद हैं. रंजीत भी विधायक का काफी करीबी था. ऐसे में अनहोनी की आशंका को देखते हुए जिला प्रसाशन अलर्ट है. प्रबंधन भी मामले में गैंग से जुड़े लोगों के वार्डों की प्रतिदिन तलाशी ले रहा है.

गैंग्स के मुलाकातियों पर नजर

रंजीत हत्याकांड के बाद गैंग के सदस्यों की मुलाकातियों पर भी पुलिस नजर रख रही है. गैंग्स से मुलाकात अब ना के बराबर कराई जा रही है. इन लोगों के मामले में नियमों का सख्ती से अनुपालन हो रहा है. वही धनबाद जेल में विधायक की सुरक्षा को लेकर विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं.

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विधायक संजीव सिंह की सुरक्षा सख्त

विधायक को वार्ड से बाहर निकालने के दौरान सुरक्षा कर्मी उनके साथ रहते हैं. विधायक अपर डिवीजन के कैदी हैं. इस कारण उन्हें कई स्पेशल सुविधा भी मिलती है. रंजीत की हत्या के बाद विधायक की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन काफी गंभीर हो गया है. वासेपुर के गोपी एंड ब्रदर्स के साथ फहीम खान का बेटा इकबाल भी बंद है जिसे झरिया विधयक संजीव सिंह से बिल्कुल अलग रख गया है.

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अब देखने वाली बात यह होगी कि, क्या अब भी जेल प्रसाशन गैंग्स ऑफ ब्रदर्स पर शिकंजा कसने ने कामयाबी हासिल करता है. या एक बार फिर जेल प्रशासन कोई बड़ी चूक कर बैठता है.

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