
Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने रांची नगर निगम से पूछा, रूफ टॉप बार एवं रेस्टोरेंट के संचालन कहां तक उचित है, बिल्डिंग प्लान का उल्लंघन तो नहीं है? हाई कोर्ट की खंडपीठ ने रांची नगर निगम से यह भी पूछा है की शहर के बार एवं रेस्टोरेंट में पार्किंग की सुविधा के लिए क्या पहल की गई है, कोर्ट ने इस पर रांची नगर निगम से जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि रांची में अधिक संख्या में रूफ टॉप बार रेस्टोरेंट चल रहे हैं, इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है. वही कोर्ट को यह भी बताया गया कि रांची के हरमू रोड स्थित काव्स रेस्टोरेंट के पास पार्क में गांजा एवं अफीम की बिक्री होती है, कोर्ट ने रांची एसएसपी को इस पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
इससे पहले एमिकस कुमार वैभव की ओर से बार एवं रेस्टोरेंट के साथ-साथ गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थ की बिक्री रोकने को लेकर पुलिस की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) पर सुझाव दिया गया. जिस पर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि सुझाव पर राज्य सरकार विचार करते हुए आगे कदम उठाएगी. सुनवाई के दौरान रांची में मंदिर एवं शैक्षणिक संस्थाओं के निकट खुदरा शराब दुकान चलने एवं बार के संचालक पर सवाल उठाया गया. जिस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि उत्पाद विभाग के एसओपी में इन बिंदुओं पर फोकस रखें, जिससे मंदिर एवं शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास शराब दुकान एवं बार का संचालन ना हो.
कोर्ट ने पुलिस की एसओपी में आए सुझावों पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा उत्पाद विभाग से भी जवाब मांगा. अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी. गुरुवार को राज्य में अफीम, चरस, गांजा जैसे मादक पदार्थों की बिक्री एवं पर रोकथाम को लेकर कोर्ट के स्वत संज्ञान के साथ-साथ रांची में मंदिर एवं शैक्षणिक संस्थाओं के नजदीक बार के संचालन के खिलाफ लेकर दायर अनुराग कुमार की जनहित याचिका की सुनवाई हुई.
दरअसल, खूंटी में अफीम के फसलों को नष्ट करने एवं झारखंड में अफीम, चरस, गांजा आदि ड्रग्स के कारोबार में लगातार वृद्धि पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है. इस पर आज झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई.




