
Akshay Kumar Jha
Ranchi: झारखंड में रोज ही राजनीतिक उठक-पटक में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. हेमंत सोरेन के नाम रांची के अनगड़ा में पत्थर खदान होने की बात मीडिया में आने के बाद मामला काफी गर्म है. वहीं सीनियर आईएएस पूजा सिंघल के आवास में ईडी के छापे और गिरफ्तारी के बाद कुछ ना कुछ खुलासे हो ही हो रहे हैं. पूरे मामले में बीजेपी की तरफ से खुल कर सामने आने वाले गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे सोशल मीडिया पर काफी व्यस्त हैं. वो लगातार ट्विट कर रहे हैं. उनके ट्विट को काफी तवज्जो भी मिल रही है. हेमंत सोरेन का लीज प्रकरण हाईकोर्ट पहुंच चुका है. इधर निशिकांत दुबे की एक ट्विट ने फिर से चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है. निशिकांत ने ट्विट कर कहा है कि “जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत के नाम माइनिंग लीज देने वाले खनन पदाधिकारी सत्यजीत कुमार ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है व गायब हो गए हैं? यदि यह सही है तो ईडी झारखंड पुलिस और इनकम टैक्स को खोजबीन करनी चाहिए”.
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत जी के नाम माइनिंग लीज़ देने वाले खनन पदाधिकारी सत्यजीत कुमार ने नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया है व ग़ायब हो गए हैं? यदि यह सही है तो @dir_ed @JharkhandPolice व @IncomeTaxIndia को खोजबीन करनी चाहिए
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) May 17, 2022
लेकिन सच कुछ और
मामले को लेकर न्यूज विंग ने काफी पड़ताल की. पड़ताल में पता चला कि रांची के तत्कालीन डीएमओ ने वाकई में इस्तीफा दिया था. उन्होंने अपना इस्तीफा झारखंड सरकार को अप्रैल 2021 में दिया था. अगस्त तक वो इस्ताफा मंजूर होने का इंताजर करते रहे और रांची के डीएमओ के पद पर बने रहे. अपना इस्तीफा कबूल ना होता देख उन्होंने अगस्त से कार्यालय आना बंद कर दिया. लेकिन सरकार की तरफ से उनका इस्तीफा फिर भी कबूल नहीं किया गया. आखिरकार छह मई 2022 को उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. इस्तीफा वापस लेने के बाद उन्होंने अपना योगदान खनन विभाग में दिया. अभी उनकी कहीं पोस्टिंग होती उससे पहले पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गयी. राज्य में आचार संहिता लागू होने जाने की वजह से वो आज भी वेटिंग फॉर पोस्टिंग हैं.
जून में मिला हेमंत सोरेन को पत्थर खदान का पट्टा
खनन विभाग की तरफ से हेमंत सोरेन को जून 2021 में पत्थर खदान का पट्टा रांची के खनन पदाधिकारी ने आवंटित किया. 16 जून 2021 को रांची के डीएमओ की तरफ से लीज का लाइसेंस निर्गत किया गया. वहीं 10 जुलाई 2021 को पूर्णतः स्वीकृति दी गयी.




