
Chatra: महत्वाकांक्षी योजना भारत माला योजना के तहत प्रस्तावित बनारस हावड़ा एक्सप्रेस-वे जिसमें चतरा जिला के हंटरगंज, चतरा, सिमरिया टंडवा सहित कई प्रखंडों के दर्जनों गांव विस्थापित हो जाएंगे. जिसमें दस हजार से ज्यादा ग्रामीण गरीब, भूमिहीन आदिवासी, दलित प्रभावित होंगे, जो वर्षों से वन भूमि व गैरमजरूआ जमीन पर बसे हुए हैं. एक्सप्रेस-वे में घर मकान उजड़ने व विस्थापन करने की केन्द्र सरकार की साजिश के खिलाफ चतरा समाहरणालय के समक्ष मजदूर संगठन सीटू और वामपंथी नेता लक्ष्मी प्रसाद शुक्ला के नेतृत्व में जन संघर्ष मोर्चा और सीटू के संयुक्त तत्वावधान में महाधरना का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता मादी उरांव और संचालन महेश बाण्डो ने किया. धरना को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त अवधेश कुमार, झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुरजीत सिन्हा, वरीय उपाध्यक्ष रामदेव सिंह और सीटू झारखंड के सचिव संजय पासवान, जिप सदस्य चन्द्रिका यादव ने मुख्य रूप से सम्बोधित किया.
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धरना को सम्बोधित करते हुए सीटू नेता संजय पासवान ने कहा कि जब से केन्द्र में मोदी सरकार आई है, तब से गरीबों किसानों पर हमला बढ़ गया है. विकास के नाम पर विनाश किया जा रहा है. भारत माला एक्सप्रेस-वे में चतरा के गरीबों को उजाड़ने की साजिश हो रही है. इस जिला बहुमत आबादी गरीब, दलित और आदिवासियों की है, जो भूमिहीन हैं और सरकारी जमीन पर कई पुश्तों से रह रहे हैं. बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए हुए विकास के नाम पर इन्हें उजाड़ने की साजिश को नाकाम करेंगे. किसान सभा के नेता अवधेश कुमार और सुरजीत सिन्हा ने कहा कि जिस प्रकार तीन कृषि काला कानून के खिलाफ देश के लाखों किसानों ने 13 महीने लम्बे संघर्ष के माध्यम से मोदी सरकार को झूकने को मजबूर किया, उसी तरह की बड़ी लड़ाई हमें विस्थापन के खिलाफ भी लड़ने की जरूरत है.




