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चौतरफा घिरे बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार, जनप्रतिनिधि के सवाल पर साध ली चुप्पी

  • राज्य सलाहकार समिति की सदस्य हेमलता उरांव बोलीं, साल भर में बदलते हैं ट्रांसफॉरमर और बात कर रहे बिजली दर बढ़ाने की
  • अगर ग्रामीण जागरूक हो गये तो आपलोगों का जो रवैया है, बैठना भी मुश्किल हो जायेगा
  • ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बढ़नी चाहिए बिजली दर, शाम पांच से रात नौ और सुबह चार बजे 10 बजे तक बिजली नहीं देते
  • शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 25 फीसदी ही मिलती है बिजली, जैसी बिजली देंगे. वैसा ही पैसा मिलेगा

Ranchi: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरुवार को आयोजित राज्य सलाहकार समिति की बैठक में झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार चौतरफा घिरे. समिति की सदस्या सह जिप सदस्य हेमलता उरांव के सवालों का जवाब वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार के पास नहीं था. हेमलता ने कहा कि ग्रामीण लोग पढ़े-लिखे नहीं होते और बिजली दर निर्धारण का प्रस्ताव अंग्रेजी में है. पहले इसे हिंदी में उपलब्ध कराएं. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दर किसी भी हालत में नहीं बढ़नी चाहिए. शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 25 फीसदी ही बिजली मिलती है.

सीएम ने कह दिया घर-घर पहुंचाई बिजली, बताएं कहां पहुंची है बिजली

हेमलता ने कहा कि सीएम ने कह दिया कि घर-घर बिजली पहुंचा दिये हैं. लेकिन एमडी साहब आप बतायें कि कहां घर-घर तक बिजली पहुंची है. कथनी और करनी में अंतर होता है. खुद मेरे ही गांव में 50 घरों तक बिजली नहीं पहुंची है. एसी रूम में चार्ट बनाने से नहीं होगा. ग्रामीण क्षेत्रों से फिक्स चार्ज भी हटायें. ग्रामीण तो सिर्फ तीन साल ही 11 वाट का बल्ब जलाते हैं. शाम पांच बजे से रात्रि के नौ बजे तक बिजली नहीं रहती है. फिर सुबह चार बजे से सुबह 10 बजे तक बिजली नहीं रहती है. सोने के समय बिजली देते हैं.

जैसे बिजली देंगे वैसा ही बिल लीजिए

समिति की सदस्या हेमलता ने कहा कि जैसा बिजली देंगे, वैसा ही बिल लीजिए. नियम बना है कि ट्रांसफॉरमर का फ्यूज दो से तीन घंटा में बदल देना है, लेकिन 24 घंटे में भी नहीं बदलता. ट्रांसफॉरमर ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में बदल दिया जाना है. लेकिन सालभर में भी ट्रांसफॉरमर नहीं बदलता. ट्रांसफॉरमर के लिए गांव वालों को चंदा करना पड़ता है. तार जोड़ने के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं. गांव वाले पढ़े-लिखे नहीं हैं ऑनलाइन कैसे बिजली बिल का भुगतान करेंगे.

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