Ranchi : 18 सितंबर से झारखंड विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है. इसके लिए स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने 15 सितंबर को विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलायी थी. भाजपा विधायक सीपी सिंह को इसमें आमंत्रित किया गया था. हालांकि वे इसमें शामिल नहीं हुए. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने स्पीकर के निमंत्रण पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी भाजपा विधायक दल के नेता हैं. इसकी सूचना विधानसभा अध्यक्ष को दी जा चुकी है. बावजूद इसके उनको बुलावा नहीं देना लोकतंत्र की हत्या है. जानबूझ कर भाजपा के किसी अन्य सदस्य को बुलाया गया. इससे सरकार की मंशा झलकती है.
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विधायक दल के नेता पर सरकार की राजनीति
दीपक प्रकाश ने कहा कि पार्टी ने बाबूलाल मरांडी को विधिसम्मत तरीके से विधायक दल का नेता चुना है. विधानसभा अध्यक्ष को सारी जानकारी है. पर इस मामले में राज्य सरकार अब भी राजनीति कर रही है. भाजपा विधायक दल का नेता कौन होगा, यह सरकार के इशारे पर तय किया जा रहा है. सरकार सदन और विपक्ष, दोनों को अपने हिसाब से चलाना चाह रही है.
सदन के छोटे सत्र से लाभ नहीं
विधानसभा का सत्र 18 से 22 सितंबर तक चलना है. दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार जनता के सवाल से भाग रही है. इसी कारण केवल तीन दिनों के लिए ही सदन चलेगी. कोरोना काल होने के बावजूद लोकसभा और राज्यसभा सुचारू रूप से चल रही हैं. वहां जनता के सवालों पर चर्चा हो रही है. पर झारखंड में विधानसभा का सत्र सिर्फ तीन दिनों का होना सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है. छोटा सत्र होने से आम जनता की परेशानियां सदन तक नहीं लाया जा सकेंगी. उन्होंने सहायक पुलिसकर्मियों के मामले में राज्य सरकार से पहल करने की भी अपील की है.
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