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बिना प्रोन्नति पाये रिटायर हो रहे हैं शिक्षक, स्कूलों में शिक्षकों-प्रधानाध्यापकों के हजारों पद रिक्त

  • शिक्षक संघ की सीएम से गुहार
  • हर माह रिटायर हो रहे शिक्षक
  • सालों से प्रोन्नति की राह देख रहे हैं राज्य के शिक्षक

Ranchi : राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल प्रधानाध्यापकों की राह देख रहे हैं. इन स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापकों के भरोसे काम चल रहा है. लगभग 95 फीसदी स्कूलों में प्रभारी प्राचार्य हैं.

स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पद खाली होने की वजह शिक्षकों का समय-समय पर प्रोन्नति होना नहीं है. वहीं हर माह प्रोन्नति की बाट जोहते-जोहते शिक्षक रिटायर भी हो रहे हैं. इसके बाद भी सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है.

इसी मुद्दे को लेकर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. शिक्षकों व राज्यकर्मियों की प्रोन्नति पर लगी रोक को निरस्त कर प्रोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की है.

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संघ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर और मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि कार्मिक विभाग के पत्र के आलोक में राज्य सरकार के सभी सेवा संवर्गों में कर्मियों की प्रोन्नति पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगायी गयी है.

इससे प्रारंभिक शिक्षक संवर्ग भी प्रभावित है. जिन कारणों से प्रोन्नतियों पर रोक लगायी गयी है उसका समाधान नहीं हो पाया है.

संघ ने कहा कि इसके कारण प्रत्येक माह कई शिक्षक बिना प्रोन्नति के ही सेवानिवृत हो रहे हैं. प्रोन्नति न होने से मध्य विद्यालयों में 95 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं. प्रधानाध्यापकों के पदों पर शिक्षक प्रोन्नति से वंचित रह रहे हैं.

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वहीं राज्य के विभिन्न मध्य विद्यालयों में विषय आधारित स्नातक प्रशिक्षित के हजारों पदों पर प्रोन्नति नहीं होने से विद्यार्थियों के लिए विषय आधारित शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है.

संघ ने कहा कि पद रिक्त रहते हुए बिना प्रोन्नति के सेवानिवृत होने को मजबूर होना, प्रधानाध्यापक विहीन विद्यालयों का संचालन, विषय आधारित शिक्षकों की कमी को बनाये रखे जाना, शिक्षा एवं शिक्षक हित में उचित प्रतीत नहीं होता है.

मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जिन कारणों के आलोक में प्रोन्नतियों पर रोक लगायी गयी है, उनका तत्काल समाधान करते हुए प्रोन्नति शुरू की जाये.

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