
Naveen Sharma
Ranchi : अभिव्यक्ति की आजादी मनुष्य के सबसे महत्वपूर्ण मौलिक अधिकारों में शुमार है. हमारे देश के संविधान में भी अनुच्छेद 19 में यह अधिकार भारत के नागरिकों को दिया गया है. वहीं इसकी आड़ में और क्रिएटिव फ्रीडम का बहाना बना कर कई बार लोग जानबुझकर आपत्तिजनक कंटेंट वाली फिल्में, वेब सीरीज और टीवी सीरियल्स बनाते हैं.
कुछ लोग ऐसे सीन डालते हैं जिनसे लोगों की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचती है. भले ही दिखावे के लिए Declaration में यह लिख दिया जाता है कि यह कहानी काल्पनिक है और किसी धर्म, जाति व नस्ल आदि की भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है.
यही वजह है कि अभी हाल में अमेजन की वेब सीरीज तांडव को लेकर बवाल मचा हुआ है. बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान, जीशान अयूब, डिंपल कपाड़िया स्टार तांडव पर भी यह आरोप लगा है कि इसके एक सीन से हिंदू धर्मावलंबियों की भावना या कहें आस्था को ठेस पहुंची है.
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भगवान शिव के सीन को लेकर जताई थी नाराजगी
सीरीज के पहले एपिसोड के एक सीन को लेकर देश भर में कई लोगों ने जबरदस्त नाराजगी जताई है. इस सीन में एक्टर जीशान आयूब अपने कॉलेज में भगवान शिव का रोल अदा कर रहे हैं. इसमें वे कहते हैं कि भगवान राम की तुलना में उनके सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स कम हैं. वो नारद से फॉलोअर्स बढ़ाने का तरीका पूछते हैं.
इस पर नारद कहते हैं कि वो कुछ विवादित ट्वीट करें. इसके बाद दोनों यूनिवर्सिटी में आजादी-आजादी के नारे लगाने को लेकर बात करते है. पूरे सीन में बताया गया है कि छात्र गरीबी, बेरोजगारी और जातिगत भेदभाव से आजादी की मांग कर रहे हैं.
अंत में शिव कहते हैं कि देश से नहीं, देश में रहते हुए आजादी चाहिए. इस पूरे सीन में एक जगह शिव की भूमिका में जीशान आपत्तिजनक शब्द बोलते हुए दिखाई देते हैं.
8वें एपिसोड के इस सीन को लेकर भी विरोध था
दूसरी आपत्ति सीरीज के 8वें एपिसोड के दूसरे सीन को लेकर है. इसमें संध्या (संध्या मृदुल) अपने बॉयफ़्रेंड और दलित राजनेता कैलाश (अनूप सोनी) से एक्स हसबैंड की बात शेयर करती हैं.
इसमें वे कहती हैं कि एक बार उनके एक्स पति ने कहा था कि जब एक छोटी जाति का आदमी ऊंची जाति की औरत को डेट करता है, तो सिर्फ बदला लेने के लिए… इसमें कैलाश के साथ रिलेशनशिप में आने के बाद संध्या प्रेग्नेंट हो जाती हैं.
कैलाश संध्या से झूठ बोलते हैं कि रिलेशनशिप में आने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था. ये एक तरह की जातिगत टिप्पणी है.
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केंद्र सरकार ने किया हस्तक्षेप तब हटाये गये सीन
विवादित सीन को लेकर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जगहों पर FIR हुई हैं. इसके बाद ऐसा पहली बार हुआ कि जब सरकार ने सीधे तौर पर किसी OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट में हस्तक्षेप करते हुए विवादित सीन हटाने को कहा.इसके बाद दोनों विवादित सीन हटा लिए गए हैं.
जानकारी के अनुसार पिछले 18 -19जनवरी को I&B मिनिस्ट्री ने सीरीज के निर्माताओं के साथ बैठक की थी. इसमें विवादित सीन को हटाने का फैसला किया गया.
इसके साथ ही तांडव पहली ऐसी वेब सीरीज बन गई, जिसके कंटेंट को हटाया गया. वहीं, फिल्म निर्देशक अली अब्बास जफर ने इन सीन के लिए सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी है.
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सूटेबल बॉय, सेक्रेड गेम्स और गुंजन सक्सेना को लेकर भी हुए थे FIR
इससे पहले नेटफ्लिक्स की सूटेबल बॉय को लेकर विवाद हुआ था. मध्यप्रदेश भाजपा के एक नेता ने आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने को लेकर FIR दर्ज की थी. वहीं रक्षा मंत्रालय ने जाह्नवी कपूर स्टारर गुंजन सक्सेना फिल्म पर भी आपत्ति जताई थी.
इसके पहले सेक्रेड गेम्स को लेकर भी FIR दर्ज हुई थी. फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आलोचना की वजह से अमेरिकन शो Last Week Tonight with John Oliver को हॉटस्टार ने ब्लॉक कर दिया था. लेकिन ऐसा पहली बार है, जब केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप कर किसी सीरीज के सीन को हटवाया है.
OTT प्लेटफॉर्म सेल्फ रेगुलेट होते हैं
द इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के पास OTT प्लेटफॉर्म को लेकर सेल्फ-रेगुलेटरी मॉडल है. जिस पर 7 सितंबर 2020 को 15 बड़े OTT प्लेटफॉर्म ने साइन किया था.
इसमें OTT प्लेटफॉर्म को सेल्फ रेगुलेट करने की बात कही थी. सेल्फ रेगुलेशन कोड में ऐज क्वालिफिकेशन, कॉन्टेंट डिस्क्रिप्शन और पैरेंटिंग कंट्रोल आता है.
अब आईबी मिनिस्ट्री की निगरानी में है डिजिटल प्लेटफार्मस
सुप्रीम कोर्ट में अक्टूबर 2020 में एक याचिका दाखिल की गई थी. इसमें कहा गया था कि बिना जांचे OTT प्लेटफॉर्म का कटेंट पब्लिक डोमेन में है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यहां पर केंद्र सरकार से हम जवाब मांगते हैं कि OTT प्लेटफॉर्म को रेगुलेट करने के लिए कुछ इंतजाम क्यों नहीं किए हैं?
इसके बाद केंद्र सरकार ने 11 नवंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इसके तहत न्यूज पोर्टल और ऑनलाइन ऑडियो-विजुअल कंटेंट प्रोवाइड करने वाले सभी प्लेटफॉर्म्स को I&B मिनिस्ट्री की निगरानी के दायरे में लाया गया. इस ऑर्डर के बाद से मिनिस्ट्री OTT को रेगुलेट कर रही है.
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