
Ranchi : राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अफसर प्यारे लाल को आरोपों से मुक्त कर दिया है. सालों कार्यवाही चलने के बाद आखिरकार इस अधिकारी को राहत मिल गयी और अब इनके प्रमोशन का भी रास्ता खुल गया है. तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी देवघर प्यारे लाल को 2017 में एक मामले में लगे आरोपों से जांच के बाद मुक्त कर दिया गया है. दरअसल, 27 अगस्त 2013 की सुबह मुकेश सिंह और सोनु कुमार चालक, अपने लाल रंग की बोलेरो से अब अपने ससुराल देवीपुर थाना के बाधमारी से देवघर आ रहा था तब उसी दौरान ग्रामीणों ने आंतकी समझ कर हमला बोल दिया ओर पीट-पीट कर दोनों की हत्या कर दी. गाड़ी को भी आग में हवाले कर दिया. एसडीओ देवघर ने पूरे मामले की जांच करायी. मृतक सोनु कुमार की मां सुमित्रा देवी के बयान पर उपस्थित लोगों से पुछताछ की गयी. यह बात सामने आयी कि तत्कालीन थाना प्रभारी जसीडीह रामबाबू मंडल वहीं उपस्थित थे और उनकी उपस्थिति में ही यह घटना घटी. वहीं, पर बीडीओ देवघर प्यारे लाल भी वहीं उपस्थित थे. इन दोनों के वहां पर रहने के बाद भी घटना को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिससे दोनों की मौत गयी. पूरे मामले पर अध्यक्ष राज्य मानवाधिकारी आयोग ने प्यारे लाल पर कार्रवाई करने का आदेश दिया. मामले पर प्यारे लाल से स्पष्टीकरण किया गया था. उन्होंने जवाब दिया कि बिना किसी अवसर एवं आयोजन विशेष के सामान्य दिनों में सुबह पांच बजे बिना किसी प्रतिनियुक्ति आदेश के अरोपित पदाधिकारी के मुख्यालय के 15 किलोमीटर दूरी पर अवस्थित घटना स्थल पर रहने का आरोप मनोरंजन और काल्पनिक है. ऐसे मां की जवाब की समीक्षा के बाद उन्हें आरोपी से मुक्त करते हुए बहोगी करवाई और निरस्त करने का फैसला लिया गया. कार्मिक विभाग में संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.
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