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पीडीएस डीलर हत्याकांडः बहनोई के साथ हुए विवाद को पुलिस ने लिया हल्के में, नतीजा गयी जान 

Palamu: जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के हुलसम पंचायत के सुदूरवर्ती पलवा गांव में जन वितरण प्रणाली के दुकानदार बंगाली उरांव हत्याकांड में कार्रवाई को लेकर परिजनों ने पुलिस पर निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाया है. बुधवार को एमआरएमसीएच मेदिनीनगर में शव का पोस्टमार्टम कराने आये पुत्र रंजीत उरांव समेत अन्य लोगों ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व उनके बहनोई बृजमोहन उरांव के साथ हुई मारपीट को पुलिस ने हल्के में लिया और दोनों ओर से मामला दर्ज कर नोटिस थमा दिया. इसी बीच बृजमोहन उरांव ने अपराधियों के साथ मिल कर हत्या की साजिश रची और सफल भी हो गया.

बता दें कि मंगलवार की रात पलवा गांव में जन वितरण प्रणाली के दुकानदार बंगाली उरांव को अज्ञात अपराधियों ने उनके घर में घुस कर चार गोलियां मार दी थीं. गोली पैर, हाथ, पीठ और सीने में लगी. हालांकि इसके बाद भी गंभीर स्थिति में उन्हें इलाज के लिए एमआरएमसीएच मेदिनीनगर लाया जा रहा था, लेकिन लाने के क्रम में रास्ते में उनकी मौत हो गई. यहां लाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने गांव के उनके रिश्तेदार बृजमोहन उरांव के इशारे पर अज्ञात अपराधियों द्वारा हत्या करने का आरोप लगाया है.

इधर, छतरपुर एसडीपीओ अजय कुमार ने मामले की छानबीन तेज की गई है. नक्सल और अपराधी कनेक्शन को खंगाला जा रहा है. जहां बात हमलावरों के पास एके 47 रहने की है तो इसके लिए जांच तेज की गई है. जानकारी मिली है कि बंगाली का उनके रिश्तेदार के साथ विवाद चला आ रहा था. संभवतः इसी कारण घटना हुई.

डीलर के पुत्र रंजीत उरांव के अनुसार घटना मंगलवार रात 8 बजे के आसपास की है. उस समय उनके पिता पीडीएस डीलर बंगाली उरांव घर में आराम कर रहे थे. इसी क्रम में दो बाइक से चार लोग पहुंचे. सभी अपने चेहरे को ढंक रखे थे. गांव में आते ही बाइक की हेडलाइट बंद कर दी. सभी से बृजमोहन उरांव ने बात की और फिर घर चला गया. इसके बाद चारो अपराधी उसके घर की ओर बढ़े और अंदर घुस गए. उस समय पिता जी कमरे में आराम कर रहे थे. उनके पास परिवार का अन्य कोई सदस्य नहीं था.

रंजीत ने कहा कि एक गोली चलने की आवाज सुनकर उसके बड़े भाई वहां से खतरा भांपकर निकल गए. अंदेशा हो गया था कि उनके पिता की हत्या कर दी जायेगी. इसके बाद एक एक कर तीन राउंड और गोलियां चली. हमलावरों के जाने के बाद मौके पर जाकर देखा तो उनके पिता खून से लथपथ पड़े हुए थे. आनन फानन में इलाज के लिए ले गए. रंजीत ने बताया कि हमलावरों के पास एके 47 रायफल भी थी.

इधर, इस घटना को पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. पिछले पंचायत चुनाव में बंगाली उरांव के बहनोई बृजमोहन उरांव मुखिया का चुनाव लड़ रहे थे और इसमें बंगाली ने उनकी कोई मदद नहीं की थी. इससे पहले के चुनाव में उनके बृजमोहन को मदद की थी. इससे विवाद बढ़ा हुआ था. एक सप्ताह पहले इस मामले को लेकर मारपीट हुई थी. छतरपुर थाना में दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज हुआ था और पुलिस की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था. पुलिस ने आशंका जताई है कि घटना के पीछे यही कारण हो सकता है. हालांकि अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद इस घटना को पूरी तरह से स्पष्ट किया जा सकता है.

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