
Ranchi: डेढ़ वर्ष बाद झारखंड ट्राइब्स एडवाइजरी काउंसिल (Jharkhand Tribes Advisory Council) का गठन हुआ. कल इसकी बैठक होगी. भाजपा टीएसी की बैठक का बायकॉट करने के मूड में है. बायकॉट क्यों किया जायेगा भाजपा कल तय करेगी. प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इस बारे में बताया कि कल सारे नेताओं की बैठक बुलायी गयी है. बैठक में ही तय होगा कि टीएसी की बैठक में हिस्सा लेना है या नहीं.
रघुवर सरकार में जो निर्णय आदिवासी हित में नहीं लिए गये हैं उसकी समीक्षा कर रद्द किया जाना चाहिएः बंधु
मांडर विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि काउंसिल के गठन होने से काम में तेजी आयेगी. रघुवर सरकार में नियमावली सही तरीके से काम नहीं कर रही थी. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार में जो निर्णय आदिवासी हित में नहीं लिए गये हैं उसकी समीक्षा कर रद्द किया जाना चाहिए.
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कानूनी अड़चनों से पीछा छूटेगाः राजेश कच्छप
कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप का कहना है कि टीएसी के गठन से काम सही तरीके से होगा. अब तक जो भी काम होता था उसमें कानूनी अड़चन ज्यादा होती थी. अब इससे पीछा छूट जायेगा.
विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि भाजपा के लोग बैठक में हिस्सा नहीं लेना चाह रहे हैं. इन्हें जनसरोकार से कोई लेना-देना नहीं है. ये भाजपा वाले पूरे मामले को उलझा कर रखना चाह रहे हैं.
काउंसिल में मुख्यमंत्री समेत 17 विधायक हैं शामिलः
झारखंड ट्राइब्स एडवाइजरी काउंसिल 19 सदस्यीय समिति में मुख्यमंत्री, मंत्री समेत 17 विधायक और दो मनोनीत सदस्य हैं. काउंसिल के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विभागीय मंत्री चंपई सोरेन उपाध्यक्ष बनाया गया है. इनके अलावा अलग-अलग दलों के एसटी कोटे के 15 विधायकों को सदस्य बनाया गया है. पूर्वी सिंहभूम के विश्वनाथ सिंह सरदार और रांची के जमल मुंडा को मनोनीत सदस्य बनाया गया.
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