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सीबीआई जांच के लिए राज्यों की सहमति लेना जरूरी, सुप्रीम कोर्ट का अहम  फैसला

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह नियम देश की संघीय व्यवस्था के अनुसार है.

 NewDelhi :  सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी राज्य में जांच के लिए सीबीआई को अनुमति लेनी होगी. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आठ  राज्यों द्वारा आम सहमति खत्म किये जाने के बाद आया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह नियम देश की संघीय व्यवस्था के अनुसार है.  जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस बीआर गवई  की पीठ ने यह फैसला दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम में, जिसमें शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के लिए सीबीआई के लिए राज्य सरकार की सहमति की आवश्यकता है. ये प्रावधान संविधान के संघीय चरित्र के अनुरूप है.

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महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई को दी गयी अनुमति वापस ली

अभी हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी किया था और कहा था कि राज्य में जांच करने के लिए सीबीआई को दी गयी अनुमति वापस ली जाती है. हालांकि जांच की अनुमति महाराष्ट्र सरकार के वापस लेने से फिलहाल चल रही छानबीन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

लेकिन अगर भविष्य में सीबीआई महाराष्ट्र में किसी नये मामले में जांच पड़ताल करना चाहती है, तो उसे राज्य सरकार से इजाजत लेने की जरूरत होगी, जब तक कि अदालत की तरफ से जांच के आदेश नहीं दिये गये हों.

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क्या कहता है नियम

सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम,1946 के जरिये शासित होती है. इसमें कहा गया है कि सीबीआई को जांच से पहले संबंधित राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी.  जान लें कि  केंद्र-राज्य के बीच शक्तियों के बंटवारे में पुलिस राज्य का विषय है. इसलिए जांच का पहला अधिकार भी राज्य पुलिस का होता है. लेकिन केंद्रीय एजेंसी होने के लिहाज से यदि मामले की जांच सीबीआई को करनी है तो उसे राज्य सरकार से रजामंदी लेनी जरूरी है.

सहमति भी दो तरह की होती है. पहली, केस विशेष और दूसरी सामान्य. वैसे सीबीआई का अधिकार क्षेत्र केंद्र सरकार के विभागों और कर्मचारियों पर है, लेकिन राज्य सरकार से जुड़े किसी मामले की छानबीन और पड़ताल करने के लिए उसे राज्य सरकार की मंजूरी लेनी होती है.

जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि DSPE एक्ट की धारा 5 केंद्र सरकार को संघ शासित प्रदेशों के अलावा सीबीआई की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र में विस्तार का अधिकार देती है लेकिन जब तक DSPE की ही धारा 6 के अंतर्गत राज्य इसके लिए आम सहमति नहीं देगी तब तक यह नहीं माना जायेगा.

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