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जिस सर्वे में झारखंड बताया गया अव्वल, उस पर चेंबर ने कहा- सारे आंकड़े फर्जी

सड़कों की सफाई हो या औद्योगिक रैंकिंग झारखंड सभी शर्तों से कोसों दूर: चेंबर

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Ranchi: झारखंड ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात जैसे राज्यों को पीछे छोड़ इंडस्ट्रीयल पार्क में अपना स्थान बनाया है. वास्तव में यह रैंकिंग का खेल है, उद्योग विभाग और कंसलटेंट के साझा प्रयास से किया गया है. इसका मुख्य मुद्दा सरकार का ध्यान भटकाकर रैंकिंग मैनेजमेंट में कंसलटेंट कपंनी को महारत हासिल कराना था. उक्त बातें फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने प्रेस वार्ता कर दी. उन्होंने कहा कि सड़कों की सफाई का मामला हो या औद्योगिक क्षेत्रों के रैंकिंग का झारखंड अग्रणी राज्यों की शर्तों से कोसों दूर है. केंद्र सरकार को जो भी रिर्पोट राज्य सरकार की ओर से दी गयी है, वो हकीकत से दूर है. क्योंकि किसी भी फील्ड सर्वें में स्टेकहोल्डरों की सहभागिता नहीं थी. कांड्रा, आदित्यपुर को प्रथम स्थान मिला है, जबकि वहां के उद्यमियों के लिये कष्टकर होगा.

टाटीसिलवे को पांचवां स्थान देना जख्म कुरदने जैसा

मारू ने कहा कि इंडस्ट्रीयल पार्क में टाटीसिलवे इंस्डट्रीयल एरिया को आंतरिक आधारभूत संरचना में देश में पांचवां स्थान देना, वहां के उद्यमियों के जख्मों को कुरदने जैसा है. उन्होंने कहा कि टूटी सड़कें, बदहाल कानून व्यवस्था और बहुत ही खराब बिजली व्यवस्था से जुझते उद्यमियों और कर्मचारियों के लिए यह हास्यासपद है कि एरिया को पांचवा स्थान दिया गया. ऐसे में साफ कहा जा सकता है कि उद्योग विभाग और कंसलटेंट सरकार की आंख में धूल झोंक रहे हैं.

राज्य में रूचि नहीं ले रहे निवेशक

एनसीएइआर की रिर्पोट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2016 में इंवेस्टर कांफिडेंस की रैंकिंग में राज्य को 14वां स्थान मिला, 2017 में अठारहवां और 2018 में सिर्फ बिहार राज्य झारखंड के पीछे है, ऐसे में राज्य के औद्योगिक पार्क की रैंकिंग आंख में धूल झोंकने जैसी लगती है. एनसीएइआर रिर्पोट से साफ होता है कि राज्य में निवेशक रूचि नहीं ले रहे हैं. ऐसे में राज्य की स्थिति सुधारने के बजाय केंद्र सरकार को झूठी रिपोर्ट पेश की जा रही है. जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कंसलटेंट कंपनी और विभाग की ओर से किये गये किसी भी सर्वे में चेंबर और जेसिया की सहभागिता नहीं ली गयी.

सुरेश प्रभु को चेंबर ने लिखा पत्र

अध्यक्ष दीपक मारू ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से गलत रिर्पोट पेश करने को लेकर चेंबर ने केंद्रीय उद्योग मंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि झूठी रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार केंद्र को भी बरगला रही है. जबकि औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति इस कदर नारकीय है कि किसी शिकायत पर भी उद्योग विभाग कार्रवाई नहीं करती.

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