
Palamu : सूबे के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र फाइनल ईयर में फेल हो जाते हैं. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज उन्हें फाइनल ईयर में इसलिए फेल करता है ताकि फेल कर फिर से रि-एडमिशन के नाम पर पैसे की वसूली की जा सके. वहीं कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि कुछ छात्र रिजल्ट की आड़ में गंदी राजनीति कर रहे हैं. कॉलेज को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं.
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क्या है मामला
दरअसल स्वास्थ्य मंत्री का पलामू जिले के विश्रामपुर में रामचंद्र चंद्रवंशी इंस्टीच्यूट ऑफ एडूकेशन(आरसीआइटी) नामक कॉलेज है. इस कॉलेज में पढ़ने वाले इलेक्ट्रॉनिक एंड कंम्यूनिकेशन(ईसी) विभाग के फाईनल ईयर के छात्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में फाइनल ईयर के छात्रों का रिजल्ट खराब कर दिया जाता है. इससे पहले की परीक्षाओं में भी छात्रों का ईयर बैक या रिजल्ट खराब कर दिया जाता है. छात्रों से कॉलेज प्रबंधन द्वारा ईयर बैक के नाम पर भी पैसे की वसूली की जाती है. तीन साल छात्रों का रिजल्ट बेहतर होता है लेकिन फाइनल ईयर में आते ही छात्रों का रिजल्ट खराब होने लगता है.
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छात्रों ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय स्तर से परीक्षा का आयोजन किया जाता है लेकिन छात्र जब पुन: मूल्यांकन की बात कॉलेज प्रशासन से करते हैं तो उन्हें विश्वविद्यालय में पुन: मूल्यांकन करने का अवसर नहीं प्रदान किया जाता है. फाईनल ईयर के 80 फीसदी छात्रों का ईयर बैक कॉलेज प्रबंधन द्वारा लगा दिया जाता है.
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गंदी राजनीति कर रहे हैं छात्र : आरसीआइटी
आरसीआइटी के शिक्षक केके मिश्रा ने कहा कि परीक्षा में पास या फेल करना विश्वविद्यालय की जवाबदेही है कॉलेज की नहीं. ईसी विभाग के छात्रों का परीक्षाफल खराब हुआ है. इसमें कॉलेज का कोई हाथ नहीं है. बिना बात के छात्र इसे मुद्दा बनाने में लगे हैं.




