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अब राज्‍य के 24 जिलों में तीसरे और चतुर्थ वर्ग के पदों पर स्थानीयों को प्राथमिकता

Deepak

Ranchi :  झारखंड सरकार ने 11 गैर अनुसूचित (नन शिड्यूल) जिलों के तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर 10 वर्ष तक स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है. 13 अनुसूचित जिलों की तरह ही पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, चतरा, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, देवघर और गोड्डा जिले में तृतीय और चतुर्थ वर्गीय पदों पर स्थानीय निवासियों को सरकार की ओर से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे. अनुसूचित जिलों की तरह नियुक्ति में स्थानीय निवासी को प्राथमिकता देने की मांग सरकार के पास कई वर्षों से विचाराधीन थी.

सरकार ने इसके लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के फैसले के बाद यह निर्णय लिया है. इसमें कहा गया है कि तीसरे और चतुर्थ वर्गीय पदों के लिए अगले 10 वर्षों तक मात्र संबंधित जिले के स्थानीय निवासियों को ही योग्य माना जायेगा. भविष्य में सरकार के स्तर पर की जानेवाली नियुक्तियों में भी इन्हें तरजीह दी जायेगी. इस संबंध में सरकार के कार्मिक प्रशासनिक और राजभाषा सुधार विभाग की ओर से संकल्‍प भी जारी कर दिया गया है.

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जेएसएससी की ओर से ली जानेवाली परीक्षाओं के विज्ञापन होंगे निरस्त

राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि जिला स्तर पर तीसरे और चतुर्थ वर्गीय पदों के लिए झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से ली जानेवाली परीक्षाओं के विज्ञापनों को जरूरत पड़ने पर रद्द किया जायेगा. इस संबंध में जिनमें परीक्षाएं नहीं ली गयी हैं, उन विज्ञापनों को रद्द कर नये स्तर से आवेदन मंगाया जायेगा. इसके बाद ही परीक्षा जेएसएससी की तरफ से ली जायेगी.

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पूर्व में स्थानीय निवासियों को शिड्यूल जिलों में ही मिलती थी प्राथमिकता

राज्य सरकार की तरफ से जिला स्तरीय पदों पर पूर्व में 13 शिड्यूल जिलों में ही स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता मिलती थी. इनमें साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा जिले शामिल थे. इन जिलों में जिला स्तरीय पदों में तीसरे और चतुर्थ वर्गीय पोस्ट के लिए भरती (नियुक्ति) की अधिसूचना जारी होने की तिथि से अगले दस वर्षों तक स्थानीय निवासियों को ही पोस्ट के लिए योग्य माना जाता रहा है. इसका विस्तार सरकार की ओर से नन शिड्यूल जिलों में भी कर दिया गया है.

 

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