
- दो मिनट का मौन रख पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को दी गयी श्रद्धांजलि
- पार्षदों ने की सीपी सिंह से शिकायत- निगम नहीं सुनता हमारी तकलीफ
- मंत्री की चेतावनी- पार्षदों के जरूरी काम में कोताही नहीं बरतें जनप्रतिनिधि और अधिकारी
Ranchi : रांची नगर निगम अंतर्गत आयोजित शहरी समृद्ध योजना की अगली कड़ी में मोरहाबादी मैदान में तीन दिवसीय स्ट्रीट फूड फेस्टिवल का आयोजन शुक्रवार से शुरू हुआ. इसमें महिला उत्थान पर विशेष जोर दिया गया. लेकिन, सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जायके वाले इस फेस्टिवल में मुख्य अतिथि के रूप में आये नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने निगम के अधिकारियों की जमकर क्लास लगा दी. पार्षदों की शिकायत पर उन्होंने कहा कि निगम के अफसर जरूरी काम को पूरा करने में सहयोग नहीं करते हैं. ऐसी कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. फेस्टिवल में भाजपा संचालित सरकारी योजनाओं की भी जमकर तारीफ हुई. साथ ही, पुलवामा आतंकी घटना में शहीद सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गयी और दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. फेस्टिवल में मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर सहित निगम के कई अधिकारी और पार्षद उपस्थित थे.

100 नहीं, तो 60 के हिसाब से तो अधिकारी करें काम
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं (प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण, शौचालय निर्माण) का लाभ आम लोगों तक पहुंचे, इसके लिए नगर विकास मंत्री ने कहा कि जिंदा कौम ज्यादा दिन इंतजार नहीं करती. जरूरी है कि काम में तेजी लायी जाये. अधिकारियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की कोई सुस्ती नहीं आनी चाहिए. 100 के हिसाब से नहीं, तो कम से कम 60 के हिसाब से तो उन्हें चलना ही पड़ेगा. सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है. अधिकारियों को चाहिए कि विकास से जुड़ी जितनी भी योजनाएं हैं, उनका लाभ लोगों को देना सुनिश्चित करें.
पार्षदों के लंबित काम जल्द करें पूरा, कोताही बर्दाश्त नहीं
निगम के अफसरों द्वारा पार्षदों की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए सीपी सिंह ने कहा कि ये पार्षद जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं. जनता की इनसे कई अपेक्षाएं जुड़ी हैं. कई पार्षद उन्हें व्यक्तिगत रूप से शिकायत करते हैं कि अफसरों की लापरवाही से उनके क्षेत्र में विकास का कार्य पूरा नहीं होता है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर काम के लिए चुने हुए पार्षद मंत्री के पास आयें. सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए सीपी सिंह ने कहा कि इनके जितने भी जरूरी काम निगम में लंबित हैं, उसे ससमय पूरा करें. इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
गरीबों के हितों में काम कर रहे पीएम और सीएम, लगेगी चौपाल
मंत्री सीपी सिंह ने शहर में रह रहे गरीबों के उत्थान पर जोर दिया. कहा कि हर वर्ग के लोगों का सम्मान करना जरूरी है. चाहे वह कोई अफसर हो या कोई सफाईकर्मी. सम्मान के साथ इन गरीबों का कैसे आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान हो, इस पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि कैसे गरीबों के हितों में काम किया जाये. स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्थान पर कहा कि इसके लिए सरकार हर स्तर पर तैयारी कर रही है. जल्द ही एक चौपाल का आयोजन किया जायेगा, जिसमें वह, मेयर, डिप्टी मेयर ऐसी महिलाओं के साथ बैठकर विचार-विमर्श करेंगे.
बेटियां बोझ नहीं, उन्हें खूब पढ़ायें
सीपी सिंह ने कहा कि आज भी भारतीय समाज में बेटियों को बोझ माना जा रहा है. इसे दूर करने की जरूरत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज की लक्ष्मी हैं. इन्हें खूब पढ़ाने की जरूरत है. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत इसी को ध्यान में रख की गयी है. घरों में लड़की के जन्म होने पर तत्काल ही 5000 रुपये खाते में जमा करने के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत झारखंड सरकार ने की है. इसमें पहली कक्षा में नामांकन पर 5000 रुपये से लेकर 18 वर्ष पूरा होने पर कुल 40000 रुपये जमा किये जायेंगे. इसी तरह शादी होने पर बेटी को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आर्थिक मदद भी दी जायेगी. इस दौरान उन्होंने 18 साल पूरा होने पर ही बेटियों की शादी करने की अपील लोगों से की.
जीवन को समृद्ध करना है उद्देश्य : मेयर
स्ट्रीट फूड लगानेवालों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान की बात करते हुए मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि इनके जीवन को समृद्ध करने के लिए ही तीन दिवसीय फेस्टिवल का आयोजन किया गया है. इसमें महिलाओं के हाथ से बने सामान, पकवानों का आनंद शहरवासी ले सकेंगे. पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए मेयर ने कहा कि फेस्टिवल का पहला दिन सामान्य रूप से मनाया जायेगा. शाम को आयोजित होनेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया. इस दौरान मेयर ने केंद्र सरकार से अपील भी की कि वह पाकिस्तान से जवानों की शहादत का बदला ले.
लगाये गये हैं 70 से अधिक स्टॉल
15 से 17 फरवरी तक चलनेवाले इस स्ट्रीट फूड फेस्टिवल में कुल 70 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं. इसमें सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार भी किया जा रहा है. योजनाओं में कौशल विकास, रोजगार आपके द्वारा, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम उज्ज्वला योजना, समाज कल्याण, झारक्राफ्ट से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं. महिला संगठन से जुड़े कई एनजीओ के स्टॉल भी फेस्टिवल में लगाये गये हैं. इसमें बस्ती विकास मंच महिला समिति, ग्राम जन सेवा महिला समिति, प्रिंस महिला मंडल, प्रगति महिला समिति, हर्ष चेतना महिला समिति जैसे एनजीओ शामिल हैं. खानपान को लेकर फेस्टिवल में फ्रूटचाट, दही कचौड़ी, नागपुरिया धुसका, ट्राइबल धुसका, कुल्हड़ चाय के स्टॉल लगाये गये हैं.
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